चेन्नई, तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को बहस के दौरान वन मंत्री आर.वी. रंजीत कुमार द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि का उल्लेख करते समय पारंपरिक उपाधि ‘कलाइग्नार’ का प्रयोग न करने पर भारी हंगामा खड़ा हो गया। डीएमके सदस्यों ने इसे दिवंगत नेताओं के प्रति अनादर मानते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया।
मुख्यमंत्री विजय का हस्तक्षेप
सदन में बढ़ते तनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने तुरंत हस्तक्षेप किया और स्थिति को संभाला। उन्होंने स्वीकार किया कि इस तरह से नाम का उल्लेख करना उचित नहीं था, और मंत्री की ओर से विपक्ष से माफी मांगते हुए सदन की मर्यादा बनाए रखने की बात कही।
विवाद की पृष्ठभूमि और प्रतिक्रिया
यह पूरा विवाद अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान ‘थिरुमंगलम फॉर्मूला’ और पिछले चुनावों के संदर्भ में हुई बयानों से शुरू हुआ था। मुख्यमंत्री के माफी मांगने के बाद मामले को शांत कराया गया, लेकिन इसने राजनीतिक हलकों में वरिष्ठ नेताओं के सम्मान और सदन की गरिमा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

