
नयी दिल्ली, 18 अगस्त (वार्ता) कांग्रेस ने जाति आधारित जनगणना को लेकर मोदी सरकार पर फिर यू-टर्न लेने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वह जाति आधारित जनगणना को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने मंगलवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि 21 सितंबर 2021 को मोदी सरकार ने उच्चतम न्यायालय में दाखिल हलफनामे में जाति गणना की मांग को स्पष्ट रूप से खारिज किया था। हालांकि, हलफनामे के पैरा 12 (डी) में सरकार ने कहा था कि 2011 की जनगणना से पहले जातियों का कोई रजिस्टर तैयार नहीं किया गया था और बेहतर होता कि जातियों के चयन के लिए ‘ड्रॉप डाउन मेन्यू’ यानी जातियों की पहले से तैयार सूची होती, जिससे एकरूप और भरोसेमंद आंकड़े जुटाए जा सकते।
श्री रमेश ने सवाल किया कि जब सरकार ने खुद ऐसी व्यवस्था को आदर्श बताया था तो जनगणना-2027 में जातियों की ऐसी सूची क्यों नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार और तेलंगाना में जाति सर्वेक्षणों से पहले ऐसी सूची तैयार की गई थी। कांग्रेस अध्यक्ष ने भी पांच मई 2025 को प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में ऐसी व्यवस्था का सुझाव दिया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इससे स्पष्ट हो गया है कि मोदी सरकार जाति गणना की व्यवस्था को विफल करना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 30 अप्रैल 2025 को जाति गणना कराने की घोषणा कर अपने पुराने रुख से यू-टर्न लिया लेकिन अब वह अपने उसी फैसले से भी पीछे हट रहे हैं। श्री रमेश ने प्रधानमंत्री को ‘यू-टर्न उस्ताद’ भी करार दिया।
