वाराणसी, 18 अगस्त (वार्ता) गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण धार्मिक नगरी काशी में दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि द्वारा आयोजित विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती का स्थल पांचवीं बार बदलना पड़ा है। बढ़ते जलस्तर के चलते अब आरती गंगा सेवा निधि कार्यालय की छत पर कराई जा रही है।
वहीं, मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर भी जलस्तर बढ़ने के कारण शवदाह स्थल स्थानांतरित कर दिए गए हैं। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने मंगलवार को बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। घाट की सीढ़ियां जलमग्न होने से श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध स्थान काफी सीमित हो गया था, जबकि श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही थी। सुरक्षा की दृष्टि से सोमवार शाम से ही गंगा आरती को गंगा सेवा निधि कार्यालय की छत पर आयोजित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि यह पांचवीं बार है, जब बढ़ते जलस्तर के कारण गंगा आरती का स्थल बदलना पड़ा है।
गंगा के साथ-साथ वरुणा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। वरुणा तटवर्ती क्षेत्रों में पानी घरों की ओर बढ़ने लगा है। सलारपुर क्षेत्र के कुछ मकानों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार को गंगा का जलस्तर 65 मीटर से ऊपर दर्ज किया गया। जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए जल पुलिस ने नावों का संचालन पूरी तरह बंद करा दिया है। साथ ही घाटों पर स्थित तथा आसपास के कई मंदिर भी जलमग्न हो गए हैं। घाटों का संपर्क भी टूट गया हैं।
