नयी दिल्ली, (वार्ता) दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण के बाद चुनाव आयोग से प्रक्रिया में हुए एडिशन, डिलिशन और ट्रांसफर की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि 33 प्रतिशत एन्यूमरेशन फार्म जमा नहीं होने की बात चुनाव आयोग के स्वीकार किये जाने से कांग्रेस के आरोप सही साबित हुए हैं।
श्री यादव ने आरोप लगाया कि अनधिकृत कॉलोनियों, गांवों और झुग्गी-झोपड़ी क्लस्टरों में कई लोगों तक एसआईआर फॉर्म नहीं पहुंचाये गये।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा के उजाड़े गये झुग्गी क्षेत्रों के मतदाताओं में बड़ी संख्या को शिफ्ट दिखाकर उनके नाम काटे गये हैं।
उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि मतदाता सूची जारी होने से पहले एडिशन, डिलिशन और ट्रांसफर हुए मतदाताओं की जानकारी उनके पते और फोन नंबर सहित कांग्रेस के बीएलए-2 को उपलब्ध करायी जाये।
श्री यादव ने 2002 की मतदाता सूची को एसआईआर का आधार बनाये जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि 2002 से 2026 के बीच दिल्ली की आबादी में करीब 80 लाख की वृद्धि हुई है।
ऐसे में किराये का मकान बदलने या 2002 की सूची में नाम नहीं होने के कारण जिन लोगों ने फॉर्म नहीं भरा है, उनके नाम स्वतः मतदाता सूची में शामिल किये जाने चाहिए।
