
जबलपुर। नाग पंचमी पर सपेरों व्दारा सांपों को पकडक़र बेरहमी से उनके दांत तोडक़र और मुंह में फेवीक्विक चिपका कर उनका प्रदर्शन करने के अपराध को रोकने और वन्य प्राणी को सुरक्षित वन क्षेत्र में छोडऩे के लिए बस स्टेंड, रेल्वे स्टेशन, धर्म शालाओं, और अन्य जगहों पर सर्चिंग अभियान चलाया गया । आस्था की आड़ में वन्यजीवों के साथ होने वाली क्रूरता को रोकने के लिए सुबह से ही वन विभाग अलर्ट मोड में रहा। सपेरों के अवैध कब्जे से शाम साढ़े चार बजे तक41 सांपों को सुरक्षित मुक्त कराया गया। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई करते हुए टीम ने सपेरों और उनके साथ आए परिजनों व सहयोगियों को अपनी निगरानी में लिया गया । पिछले वर्षों की तुलना में इस साल साँपों के प्रदर्शन और रेस्क्यू के आंकड़ों में कमी है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी जबलपुर अपूर्व प्रखर शर्मा ने बताया कि विभाग की टीम पूरी तरह अलर्ट मोड में रही । इस सिलसिले में कार्रवाई करते हुए अभी तक लगभग 41 साँपों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। रेस्क्यू किए गए साँपों में 32 खतरनाक कोबरा प्रजाति के हैं, जबकि 9 धामन प्रजाति के साँपों को भी सुरक्षित बचाया गया है। वन विभाग द्वारा प्रतिवर्ष त्योहारों और विशेष अवसरों पर विशेष चेकिंग अभियान और कानूनी कार्रवाइयाँ की जाती हैं। इसके फलस्वरूप साँपों के पकड़े जाने और उनके प्रदर्शन में भारी कमी आई है। इस पूरे रेस्क्यू को अंजाम देने में वन विभाग के पूरे स्टाफ प्रयास किया है। परिक्षेत्र सहायक गुलाब सिंह, वन विभाग के विशेष रेस्क्यू दल, एनजीओ, सर्पमित्रों और स्टाफ के आपसी तालमेल और सहयोग से इन बेजुबान जीवों को नया जीवन मिला है।
कब कितने सांपों का हुआ रेस्क्यू
आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2023 मेें विभाग ने रिकॉर्ड लगभग 150 साँपों का रेस्क्यू किया था। वर्ष 2024 में सख्त कार्रवाई के बाद यह आंकड़ा तेजी से घटकर लगभग 65 पर आ गया। वर्ष 2025 में कुल 75 साँपों का रेस्क्यू कार्य किया गया है। वन अधिकारियों के मुताबिक, विभाग के जागरूकता अभियानों और सख्त कानूनी कार्रवाई की वजह से अब सपेरों के बीच कानून का डर पैदा हुआ है, जिससे इस अवैध धंधे में कमी आ रही है।
सपेरों में महिलाएं भी शामिल थी
सर्प विशेषज्ञ गजेन्द्र दुबे के अनुसार सोमवार को क्रमश: शास्त्री नगर, बल्देव बाग, दमोह नाका बंधैया पुरा, देवताल गढ़ा, घमापुर, मदन महल, आदि क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया गया । इस बार सपेरों में कुछ महिलाएं भी देखीं गईं ,लेकिन उनके पास सर्प नहीं मिले। सपेरों को पकड़वाने में इस बार जागरूक नागरिकों ने सहयोग किया।
