
आलीराजपुर। न्यायिक अधिकारी, अभिभाषक एवं कर्मचारियों के बीच आपसी निकटता, विश्वास और सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से म.प्र. उच्च न्यायालय, जबलपुर की पहल पर संचालित ‘उल्लास-एक अभिनव प्रयोग’ के तहत स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला न्यायालय परिसर आलीराजपुर में विविध प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारीगण, अभिभाषकगण एवं न्यायालयीन कर्मचारियों के बालक-बालिकाओं के लिए विभिन्न आयु वर्गों में चेयररेस, नृत्यकला, गायन एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं में बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी प्रतिभा का आकर्षक प्रदर्शन किया। न्यायालय परिसर में लगाए गए विभिन्न फूड स्टॉल भी कार्यक्रम के आकर्षण का केंद्र रहे।
बच्चों की प्रतिभा के साथ दिखी आदिवासी संस्कृति की झलक
कार्यक्रम के दौरान बच्चों की प्रस्तुतियों ने जहां माहौल में उत्साह और उमंग भर दी, वहीं महिला कर्मचारियों ने पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में आदिवासी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर जिले की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की जीवंत झलक प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलीराजपुर ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया।
‘प्रतियोगिताएं जीवन के महत्वपूर्ण सबक सिखाती हैं’
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने प्रतिभागी बालक-बालिकाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रत्येक प्रतियोगिता व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों से निपटने, त्वरित निर्णय लेने और समस्याओं का समाधान करने का कौशल सिखाती है। प्रतियोगिताओं में भागीदारी से व्यक्ति जीवन जीने के साथ-साथ नेतृत्व करने की कला भी सीखता है।
उन्होंने कहा कि किसी प्रतियोगिता में भाग लेना केवल जीत-हार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुभव जीवन के कई महत्वपूर्ण सबक सिखाता है। उन्होंने बच्चों को निरंतर अपनी प्रतिभा को निखारने और विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया।
प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र
प्रतियोगिताओं में सहभागिता करने वाले बालक-बालिकाओं को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों के साथ उनके परिजनों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर श्री नंदराम परमार, प्रथम जिला न्यायाधीश आलीराजपुर, श्री हिमांशु शर्मा, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जोबट, श्री आर.पी. सेवेतिया, द्वितीय जिला न्यायाधीश आलीराजपुर, श्रीमती ज्योत्सना आर्य, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्री जय पाटीदार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, न्यायाधीशगण श्री कृष्णपाल सिंह सिसोदिया, श्री अनुराग सिंह सुमन, श्री क्षितिज शैलेन्द्र पंवार, श्री अंशुल चन्द्रा, श्रीमती शक्ति रावत, जिला विधिक सहायता अधिकारी, सहित जिला न्यायालय एवं तहसील न्यायालयों के कर्मचारी, उनके बालक-बालिकाएं एवं परिजन उपस्थित रहे।
म.प्र. उच्च न्यायालय की इस पहल के तहत आयोजित कार्यक्रम ने न्यायालयीन कार्यों की औपचारिकता से इतर आपसी संवाद, अपनत्व, सहभागिता और सकारात्मक कार्य वातावरण को मजबूत करने का संदेश दिया।
