भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल के विधि शिक्षण और शोध विभाग में 76वें संविधान दिवस के अवसर पर पच्चीस और छब्बीस नवंबर को दो दिवसीय कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में संवैधानिक जागरूकता बढ़ाना तथा आलोचनात्मक चिंतन और शैक्षिक संवाद को प्रोत्साहित करना रहा।
पहले दिन प्रश्नोत्तरी और वाद विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई जिनमें इकतीस टीमों ने उत्साह के साथ भाग लिया। वाद विवाद प्रतियोगिता हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में हुई और भोपाल के कई उच्च शिक्षा संस्थानों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। समान नागरिक संहिता डिजिटल गोपनीयता और डेटा संरक्षण वक्फ संशोधन अधिनियम एक राष्ट्र एक चुनाव और कानून निर्माण में राज्यपालों की भूमिका प्रमुख विषय रहे। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता लिखित प्रारंभिक दौर से शुरू होकर सेमीफाइनल और फाइनल तक चली। प्रतियोगिता के विजेता आदित्य मिश्रा सुधांशु अग्रवाल और गौरव मेवाड़ा रहे जबकि उपविजेता शिवानी धाकड़ मो इरफान और योगेश कुमार सोनी रहे। प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
दूसरे दिन संविधान दिवस समारोह का आयोजन किया गया जिसका मुख्य आतिथ्य राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ नवनीत मोहन कोठारी ने ग्रहण किया। उन्होंने संविधान निर्माण से अब तक हुए परिवर्तनों पर शोध की आवश्यकता पर बल दिया और छात्रों से संवैधानिक अध्ययन में गहराई लाने की अपील की। कुलगुरु प्रोफेसर एस के जैन ने कहा कि समाज और राष्ट्रहित सदैव व्यक्तिगत हितों से ऊपर होने चाहिए और संविधान द्वारा प्रदान किए गए कर्तव्यों के पालन पर खास जोर दिया। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मोना पुरोहित ने संविधान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए विद्यार्थियों से संविधान के मूल्यों को जीवन में अपनाने का आग्रह किया।
समारोह में उपस्थित सभी लोगों द्वारा संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया गया जिससे वातावरण उत्साह और संवैधानिक भावना से भर उठा। दो दिवसीय कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक सिद्ध हुआ और इसने उन्हें राष्ट्रीय मुद्दों पर तर्कपूर्ण और रचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर प्रदान किया।
