पेटलावद मर्डर का खुलासा: अवैध संबंधों के शक में की गई थी हरिराम सीरवी की नृशंस हत्या, मुख्य आरोपी देवा समेत दो गिरफ्तार

पेटलावद, अटल बस्ती में बहुचर्चित हरिराम सीरवी नृशंस हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। एसपी देवेंद्र पाटीदार के मार्गदर्शन में पेटलावद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना के मुख्य शातिर गुंडा बदमाश सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों का जुलूस निकालकर उन्हें माननीय न्यायालय में पेश किया।

दिनांक 2 अगस्त की रात्रि को फरियादिया भुलीबाई, उम्र 42 वर्ष, निवासी अटल बस्ती पेटलावद ने पेटलावद थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके परिचित हरिराम पिता गोमाजी गेहलोत, निवासी धुलेट जिला धार के साथ रात के समय देवा सिंगाड, एक विधि-विरुद्ध बालक, देवा के जमाई एवं अन्य लोगों द्वारा गाली-गलौज और बेरहमी से मारपीट की गई। इस गंभीर हमले में हरिराम गेहलोत को गंभीर चोटें आईं, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मामले में पेटलावद थाने पर अपराध क्रमांक 349/2026, धारा 103 (1), 115(2), 296(2), 351(2), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। आरोपियों ने खौफ फैलाने के उद्देश्य से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल किया था।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी देवेंद्र पाटीदार ने खुलासा किया कि मुख्य आरोपी देवा उर्फ देवीलाल के कई महिलाओं के साथ अवैध संबंध थे। पूछताछ में मुख्य आरोपी ने स्वीकार किया कि उसके पिछले बारह से तेरह वर्षों से फरियादिया भुलीबाई के साथ संबंध थे और वह उसे अटल बस्ती में मकान लेकर पत्नी के रूप में रख रहा था। मृतक हरिराम की दोस्ती भुलीबाई से थी। जब देवा को हरिराम और भुलीबाई के बीच अवैध संबंधों का पता चला, तो वह गुस्से में आ गया और उसने हरिराम को अपने रास्ते से हटाने की साजिश रची। घटना की रात देवा अपने साथियों के साथ राजगढ़ से पेटलावद अटल बस्ती पहुंचा और हरिराम तथा भुलीबाई के साथ बेरहमी से मारपीट की, उन्हें निर्वस्त्र किया तथा इस क्रूरता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दहशत फैलाई।

इस मामले में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में देवा उर्फ देवीलाल पिता कच्छु सिंगाड, उम्र छयालीस वर्ष, निवासी महापुरा हाल संजय कॉलोनी राजगढ़ जिला धार शामिल है, जो एक शातिर गुंडा बदमाश है और जिसके खिलाफ राजगढ़ एवं अन्य थानों में शासकीय कार्य में बाधा, अवैध वसूली, दुष्कर्म और जमीन पर कब्जा जैसे कुल तेरह गंभीर अपराध पंजीबद्ध हैं। दूसरा आरोपी नर्सिंग पिता अम्बाराम कोदीवाल कुमावत, उम्र बयालीस वर्ष, निवासी सोनगढ़ थाना राजगढ़ जिला धार है। इस मामले में पूर्व में आरोपी अर्जुन उर्फ राजू भूरिया और एक विधि-विरुद्ध बालक को भी गिरफ्तार कर जिला जेल झाबुआ भेजा जा चुका है।

इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने और आरोपियों को धर दबोचने में पेटलावद पुलिस की टीम ने उत्कृष्ट कार्य किया। एसपी झाबुआ द्वारा सराहनीय कार्य करने वाली पूरी पुलिस टीम को दस हजार रुपये के इनाम से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पेटलावद निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया, थाना प्रभारी कालीदेवी निरीक्षक जयराजसिंह सोलंकी, उप निरीक्षक गोवर्धन मकवाना, उप निरीक्षक प्रहलादसिंह चुण्डावत, उप निरीक्षक अर्चना चौहान, सउनि लाखनसिंह भाटी, प्रधान आरक्षक पवन चौहान, मुकेश सोलंकी, अनिल अमलियार, आरक्षक राजेंद्र परिहार, रविन्द्र बरडे, वेरसिंह, घनश्याम, मुकेश, महेन्द्र चंदेल, प्रकाश भगोरा, चालक आरक्षक मोतीलाल डिण्डौर एवं साइबर सेल झाबुआ की टीम की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।

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