
रीवा, रीवा जिले की गुढ़ तहसील के ग्राम बेला में अडानी कंपनी के खिलाफ किसानों का आंदोलन रविवार 17 अगस्त 2026 को एक बार फिर शुरू हो गया। जमीन का उचित मुआवजा न मिलने से नाराज किसान देशराज मिश्रा ने प्रशासन पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए जल-सत्याग्रह दोबारा शुरू कर दिया।
किसान पानी से भरे गहरे गड्ढे में आधा डूबकर विरोध पर बैठ गए हैं। इससे पहले भी देशराज मिश्रा अपनी कृषि भूमि पर जबरन हाईटेंशन लाइन और टावर लगाए जाने के विरोध में 2 दिन से अधिक समय तक इसी गड्ढे में सत्याग्रह पर बैठे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर मौके पर पहुंचे थे और शासन के मापदंडों के अनुसार उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद किसान ने आंदोलन स्थगित कर दिया था।
*3 दिन बाद फिर बैठे सत्याग्रह पर*
किसान का आरोप है कि आश्वासन के महज 3 दिन बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और बिना मुआवजा तय किए काम आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी से आहत होकर वे फिर उसी पानी से भरे गड्ढे में उतर गए।
देशराज मिश्रा का कहना है कि अडानी कंपनी उनकी उपजाऊ जमीन पर हाईटेंशन तार और टावर लगा रही है। नियमानुसार पहले उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए था, लेकिन कंपनी और प्रशासन बिना राशि तय किए जबरन काम करवा रहे हैं।
किसान ने साफ कहा कि जब तक शासन के नियमों के अनुसार न्यायसंगत मुआवजा नहीं मिल जाता, उनका जल-सत्याग्रह जारी रहेगा।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति है और ग्रामीणों में प्रशासन के रवैये को लेकर आक्रोश है।
