
बांदकपुर/दमोह। देव जागेश्वरनाथ जी मंदिर, बांदकपुर में श्रावण मास के पावन अवसर पर मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित ग्यारह दिवसीय लघु रुद्रात्मक रुद्राभिषेक का विधिवत समापन धार्मिक अनुष्ठानों व वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। ग्यारह दिनों तक चले इस आध्यात्मिक आयोजन में प्रतिदिन भगवान श्री देव जागेश्वरनाथ जी का विधिपूर्वक पूजन, पंचामृत अभिषेक तथा वैदिक पद्धति से लघु रुद्रात्मक रुद्राभिषेक कराया गया। मंदिर परिसर में प्रतिदिन ब्राह्मणों द्वारा रुद्राष्टाध्यायी के मंत्रों का पाठ किया गया और भगवान आशुतोष को विभिन्न पवित्र द्रव्यों से अभिषेक कर विश्व कल्याण, राष्ट्र की सुख-समृद्धि, समाज में शांति तथा सभी भक्तों के मंगल की कामना की गई। संपूर्ण आयोजन मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक आचार्य पंडित श्री रामकृपाल पाठक शास्त्री जी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। रविवार को मुख्य यजमान के रूप में मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनुराग श्रीवास्तव, ट्रस्ट के सहायक प्रबंधक पंडित केदारनाथ दुबे, तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी, विजय चौबे, शुभम पांडे। इस अवसर पर आचार्य पंडित रामकृपाल पाठक शास्त्री महाराज ने भगवान शिव की आराधना में राम नाम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ स्वयं श्रीराम के अनन्य भक्त हैं और शिव आराधना में राम नाम का स्मरण अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
उन्होंने कहा कि शिव और राम की भक्ति एक-दूसरे से अलग नहीं है, भगवान शिव के हृदय में श्रीराम और श्रीराम के हृदय में भगवान शिव का वास है। इसलिए जो व्यक्ति श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान शिव का पूजन करता है, उसके लिए राम नाम का स्मरण भी उतना ही महत्वपूर्ण है राम नाम साधना को उन्होंने कलियुग में सहज, सरल और प्रभावशाली आध्यात्मिक साधना बताते हुए कहा कि भगवान के नाम का स्मरण मनुष्य के भीतर शांति, संयम और सद्भाव उत्पन्न करता है। ग्यारह दिवसीय इस अनुष्ठान के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान श्री देव जागेश्वरनाथ जी का दर्शन किया और रुद्राभिषेक में सहभागी बनकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। आयोजन के समापन अवसर पर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेश मेहता ने ग्यारह दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने वाले सभी यजमानों, आचार्यों, ब्राह्मणों, सेवाभावी कार्यकर्ताओं, मंदिर कर्मचारियों तथा दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन केवल पूजा-अनुष्ठान तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज में धर्म, संस्कार, सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने सभी भक्तों से भगवान शिव की भक्ति के साथ राम नाम का निरंतर स्मरण करने तथा अपने जीवन में सत्य, संयम, सेवा और सदाचार को अपनाने का आह्वान किया मंदिर ट्रस्ट की ओर से कहा गया कि भविष्य में भी धार्मिक, आध्यात्मिक व जनकल्याणकारी आयोजनों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि बांदकपुर की पवित्र धार्मिक परंपरा और भगवान श्री देव जागेश्वरनाथ जी की महिमा जन-जन तक पहुंचती रहे।
