तेहरान, 15 अगस्त (वार्ता) ईरान के नेताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे का मजाक उड़ाया है, जिसमें उन्होंने ईरान को हराने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने की बात कही थी।
ईरानी नेताओं ने कहा हैकि यह रणनीतिक जलमार्ग हमेशा ईरान का हिस्सा रहेगा।
ईरान के न्यायपालिका प्रमुख गुलामहुसैन मोहसनी एजई ने श्री ट्रंप की टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणियां उनकी “भ्रमपूर्ण सोच” का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि वास्तव में इस महत्वपूर्ण वैश्विक जलमार्ग का मालिक और शासक ईरान है।
श्री ट्रंप ने शुक्रवार को लॉन्ग आइलैंड में कानून प्रवर्तन अधिकारियों की एक रैली को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि ईरान को हराने के बाद वह होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करेंगे।
श्री ट्रंप ने कहा, “ईरान को हराने के बाद, जिसे बहुत बुरी तरह हराया जा रहा है, मैं जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका का क्षेत्र घोषित करूंगा।” उन्होंने बढ़ती पेट्रोल कीमतों के बावजूद ईरान के खिलाफ युद्ध में जाने के अपने फैसले का भी बचाव किया और जलडमरूमध्य की अमेरिकी नाकाबंदी को “स्टील की दीवार” बताया।
ईरान में श्री ट्रंप की टिप्पणी की तत्काल आलोचना हुई। श्री एजई ने इसे अमेरिकी राष्ट्रपति की भ्रमपूर्ण सोच का नतीजा बताते हुए दोहराया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का अधिकार है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने रूसी लेखक फ्योदोर दोस्तोयेव्स्की के उपन्यास ‘द ब्रदर्स करामाजोव’ के एक अंश का हवाला देते हुए कहा कि बार-बार झूठ बोलने से व्यक्ति अंततः खुद भी उस झूठ को सच मानने लगता है। श्री बघाई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि दोस्तोयेव्स्की का यह अंश ईरान और क्षेत्र के संबंध में अमेरिकी शासन व्यवस्था तथा उसकी विदेश नीति की मौजूदा स्थिति को सही तरीके से दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नीति में “झूठ” पर अत्यधिक निर्भरता के कारण ऐसी स्थिति पैदा हुई है, जिसमें सच और झूठ के बीच अंतर करना मुश्किल हो गया है।
