
इंदौर. स्वतंत्रता दिवस पर केंद्रीय जेल इंदौर से 11 बंदियों की सजा का आखिरी दिन होगा. आजीवन कारावास समेत विभिन्न सजाओं की अवधि पूरी कर चुके इन बंदियों को जेल से रिहा किया जाएगा. इनमें पति की हत्या के मामले में सजा काट चुकी झाबुआ की यावलीबाई और जमीन विवाद में हत्या के दोषी दो भाई भी शामिल हैं.
रिहा होने वालों में मेघनगर, झाबुआ की यावलीबाई पति मांगीलाल है. वह पति की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रही थी. सरदारपुर के पवन पिता हारू और उसके भाई कैलाश को जमीन विवाद में हत्या के मामले में सजा हुई थी. दोनों की सजा पूरी होने के बाद अब जेल से बाहर आएंगे. इसके अलावा कसरावद, खरगोन के कमल पिता चंदू बंजारा, जगजीवन रामनगर के संजू पिता गंगाराम, फिरोज गांधी नगर के श्यामलाल पिता रतन, वाल्मीकि नगर के नरेश उर्फ डब्बू पिता भगवानदीन, खजराना के रशीद पिता अब्दुल रऊफ, झाबुआ के बबल पिता रतन, मनावर के गणेश पिता गोविंद और चंदन नगर के गज्जू उर्फ गजेंद्र पिता रमेश माली भी रिहा होंगे. केंद्रीय जेल प्रशासन के अनुसार सभी बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. स्वतंत्रता दिवस पर सजा पूरी कर चुके इन बंदियों को जेल से बाहर जाने की अनुमति दी जाएगी.
