
सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के थाना मकरोनिया पुलिस ने सायबर अपराध से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह द्वारा बेरोजगार एवं सामान्य व्यक्तियों को कमीशन एवं पैसों का लालच देकर उनके दस्तावेज प्राप्त किए जाते थे तथा उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्में तैयार कर विभिन्न निजी बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाए जाते थे। इन खातों को बाद में गिरोह द्वारा अपने नियंत्रण में लेकर सायबर ठगी एवं अन्य संदिग्ध गतिविधियों से प्राप्त राशि के लेन-देन एवं सर्कुलेशन के लिए म्यूल अकाउंट (Mule Account) के रूप में उपयोग किया जा रहा था। थाना मकरोनिया में फरियादी रोहित पिता रूपराज पटेल द्वारा उपस्थित होकर लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम से फर्जी फर्म बनाई गई तथा उसके आधार पर फेडरल बैंक, शाखा मकरोनिया में करंट अकाउंट खुलवाया गया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए थाना मकरोनिया पुलिस द्वारा संबंधित बैंक खाते का तत्काल परीक्षण एवं विश्लेषण कराया गया। बैंक खाते के प्रारंभिक विश्लेषण में सामने आया कि फरियादी के नाम से ग्लैमर इंटरप्राइजेस नामक फर्म तैयार कर उसके नाम से करंट अकाउंट खुलवाया गया तथा फरवरी 2026 से अब तक लगभग 06 माह की अवधि में करीब 90 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर खाते में हुए लेन-देन, संबंधित फर्मों, बैंक खातों एवं तकनीकी साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया गया तथा आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु अलग टीम गठित की गई। पूछताछ में सामने आया गिरोह का पूरा नेटवर्क- विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा आरोपी धर्मेन्द्र नाहर एवं सोनू दांगी को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों से सूक्ष्मता एवं गहनता से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी धर्मेन्द्र नाहर द्वारा बताया गया कि उसने यह कार्य अमित विश्वकर्मा निवासी भोपाल से मुंबई में सीखा था। अमित विश्वकर्मा द्वारा उसे बताया गया था कि ऑनलाइन गेमिंग एवं बैटिंग से प्राप्त राशि के सर्कुलेशन के लिए बैंक खातों की आवश्यकता होती है। सके बाद धर्मेन्द्र नाहर ने अपने स्थानीय साथी सोनू दांगी तथा भोपाल निवासी सरमन उर्फ शुभम रैकवार, विपिन गिरी एवं स्वर्णेन्द्र पांडे के साथ मिलकर बेरोजगार व्यक्तियों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से फर्जी फर्में तैयार कर निजी बैंकों में बैंक खाते खुलवाना शुरू किया।पुलिस द्वारा आरोपियों से प्राप्त जानकारी एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अब तक 16 से अधिक फर्जी फर्मों का पता लगाया गया है। इन फर्मों के नाम से विभिन्न निजी बैंकों में खाते खोले गए तथा इनका उपयोग संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के लिए किया गया। 16 से अधिक फर्जी फर्मों का खुलासा जांच में निम्न फर्मों के नाम सामने आए हैं। ग्लैमर इंटरप्राइजेस, भूपेन्द्र इंटरप्राइजेस . सूर्या इंटरप्राइजेस, समृद्धि टूर एंड ट्रेवल्स. लवली स्वीट एंड मसाला चाट सेंटर कार्तिक इलेक्ट्रॉनिक्स , स्टार इंटरप्राइजेस, राजपूत इंटरप्राइजेस, अनुभव ट्रेडर्स , सागर ट्रेडर्स , शर्मा इंटरप्राइजेस, सौरभ इंटरप्राइजेस,माखन इंटरप्राइजेस,. अंकेश इंटरप्राइजेस , तनविक इंटरप्राइजेस,. यूनिक टूर एंड ट्रेवल्सइन फर्मों से संबंधित बैंक खातों के प्रारंभिक वित्तीय विश्लेषण में करीब 5.50 करोड़ रुपये से अधिक राशि का ट्रांजेक्शन होना पाया गया है। पुलिस द्वारा केवल आरोपियों तक सीमित न रहते हुए यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी फर्मों के पंजीयन एवं संबंधित बैंक खातों को खोलने की प्रक्रिया में किन-किन व्यक्तियों अथवा संस्थाओं की भूमिका रही है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्मों के पंजीयन तथा बैंक खातों के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा आपराधिक संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों/संस्थाओं की भूमिका की जांच कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपी धर्मेन्द्र पिता हरिदास नाहर, निवासी सिविल लाइन के पीछे, जिला खजुराहो, छतरपुर , हाल निवासी शिवनगर, थाना बहेरिया, . सोनू दांगी पिता रामेश्वर दांगी, , निवासी ग्राम बमोरी घाट, थाना जैसीनगर कोगिरफ्तारकरलियाहै।, अमित विश्वकर्मा पिता जगदीश प्रसाद विश्वकर्मा, निवासी भोपाल. विपिन गिरी पिता अशोक गिरी, निवासी भोपाल. स्वर्णेन्द्र पांडे पिता चंद्रभान पांडे, निवासी भोपालउक्त आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है तथा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
