सतना: प्रदेश सरकार द्वारा मूंग उपार्जन की मात्रा बढ़ाए जाने के बाद जिले में समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने वाले किसानों की संख्या और आवक दोनों में तेजी आई है।पहले जहां एक एकड़ में महज 80 किलोग्राम मूंग की खरीदी का प्रावधान था, वहीं किसानों की मांग के बाद सरकार ने इसकी सीमा बढ़ाकर ढाई क्विंटल प्रति एकड़ कर दी। इसके बाद जिले में मूंग उपार्जन का दायरा बढ़ गया है।
शुरुआत में 30 से 40 प्रतिशत ही हो पाई थी खरीदी
शुरुआती व्यवस्था के अनुसार प्रति एकड़ 80 किलोग्राम की सीमा तय होने से किसान संतुष्ट नहीं थे। इस वजह से जिले में अनुमान के मुताबिक कुल उत्पादन का केवल 30 से 40 प्रतिशत मूंग ही समर्थन मूल्य पर खरीदी जा सकी थी। मात्रा बढ़ाकर ढाई क्विंटल प्रति एकड़ किए जाने के बाद खरीदी में तेजी आई और अब अनुमान के अनुसार करीब 80 प्रतिशत मूंग का उपार्जन हो चुका है।
437 किसानों ने कराया था पंजीयन
जिले में समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने के लिए कुल 437 किसानों ने पंजीयन कराया था। इनमें से अब तक 326 किसान अपनी मूंग सरकारी खरीदी केंद्रों पर बेच चुके हैं। जिले में अब तक कुल 1822.90 क्विंटल मूंग की खरीदी हो चुकी है। वहीं अभी भी सरकारी स्तर पर मूंग उपार्जन की प्रक्रिया जारी है।
समय-सीमा बढ़ने से भी बढ़ी आवक
बीते दिनों प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में मूंग उपार्जन की समय-सीमा भी बढ़ा दी थी। समय बढ़ने के बाद किसानों को अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए अतिरिक्त अवसर मिला है। इसका असर खरीदी केंद्रों पर भी दिखाई दे रहा है और मूंग की आवक में बढ़ोतरी हुई है। किसान भी बढ़ी हुई खरीदी सीमा और समय-सीमा का लाभ उठाते हुए अपनी उपज सरकारी खरीदी केंद्रों पर बेचने में रुचि दिखा रहे हैं।
