इंदौर. मध्यप्रदेश में होटल, मॉल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यवसायिक संस्थान अब 24 घंटे सातों दिन खुले रहेंगे. प्रदेश विधानसभा के बाद राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भी मध्यप्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता 2026 बिल को मंजूरी दे दी है. राजपाल की मंजूरी के साथ ही उक्त अधिनियम लागू हो गया है.
इंदौर सहित पूरे प्रदेश में होटल, मॉल आदि प्रतिष्ठिान 24 घंटे सातों दिन खुले रहेंगे. उक्त व्यवस्था से लोग रात में भी खरीदारी और खानपान लुफ्त उठा सकेंगे. इसके साथ ही रात में मॉल एवं प्रतिष्ठानों के खुला रहने से रोजगार के अवसर बढ़ जाएंगे. सभी संस्थानों को अलग-अलग शिफ्ट में कम के लिए कर्मचारियों को रखना होगा. हालांकि, शराब की दुकानों की समय सीमा का निर्णय स्थानीय प्रशासन ही लेगा.
रात के लिए सिर्फ एक बार कराना होगा रजिस्ट्रेशन
राज्य सरकार ने नए अधिनियम में संस्थानों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी आसान कर दी है। अब संस्थान को इसकी नियमानुसार विभाग को सूचना देनी होगी। इसके बाद उनका रजिस्ट्रेशन कर सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा। रजिस्ट्रेशन को बार-बार नवीनीकरण नहीं कराना होगा। संस्थान बंद होने पर लिखित में इसकी सूचना देनी होगी। इसके बाद रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया जाएगा.
आर्थिक गतिविधियां बढ़ेगीः सुमित सूरी
प्रदेश होटल एसोसिएशन के चेयरमैन सुमित सूरी ने कहा कि इंदौर जैसे शहर में पर्यटन, खान-पान, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यवसायों को इसका लाभ मिलेगा. देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और व्यापारिक यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी. साथ ही रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी. हालांकि, किसी भी नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल व्यापार बढ़ाना नहीं होना चाहिए, बल्कि शहर की पहचान, संस्कृति और सामाजिक संतुलन को भी सुरक्षित रखना उतना ही आवश्यक है. इंदौर की स्वच्छता, अनुशासन और संस्कारित जीवनशैली के लिए पूरे देश में पहचान है. देर रात तक बाजार संचालित करने की अनुमति सुनियोजित ढंग से दी जाना चाहिए. ऐसे क्षेत्रों में जहां आवश्यकता है, वहीं लागू किया जाए ।सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, स्वच्छता तथा कर्मचारियों के हितों का भी विशेष ध्यान रखा जाए. मेरा मानना है कि उक्त व्यवस्था स्पष्ट नियमों और प्रभावी निगरानी के साथ लागू हो, तो यह निश्चित रूप से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ इंदौर की गरिमा और पहचान को भी सुरक्षित रखेगी
