
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दोनों नेताओं ने इस दौरान उप्र के आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति, प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों और बदलते सामाजिक समीकरणों पर विस्तार से चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की ओर से युवाओं, विशेष कर जेन जीन मतदाताओं को साधने की रणनीति का तोड़ निकालने के मुद्दे पर भी मंथन हुआ।
श्री मौर्य ने श्री शाह के साथ हुई मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया एक्स पर जारी की और लिखा, “हमें केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी से शिष्टाचार भेंट करने और उनका मार्गदर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।”
गौरतलब है कि पिछले दिनों यहां जंतर-मंतर पर हुए विद्यार्थियों के आंदोलन और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष जिस तरह से आक्रामक नजर आ रहा है, उसके जवाब में भाजपा की रणनीति को लेकर भी चर्चा की गयी। माना जा रहा है कि युवाओं के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने और उन्हें सीधे जोड़ने के लिए विशेष रोडमैप तैयार किया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में प्रदेश में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गयी। प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को लेकर केंद्रीय नेतृत्व को फीडबैक दिया और आगे की रणनीति को लेकर मार्गदर्शन प्राप्त किया।
श्री मौर्य ने श्री शाह के अलावा कई अन्य नेताओं से भी मुलाकात की। उन्होंने एक्स पर लिखा, “अपना बहुमूल्य समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद! नयी दिल्ली में केंद्रीय मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य, सांसद अरुण गोविल और डॉ. संजय जायसवाल, मध्य प्रदेश के सीधी विधानसभा क्षेत्र की विधायक रीति पाठक और पूर्व सांसद प्रताप सिम्हा से शिष्टाचार भेंट की।”
