आजादी से जनविश्वास की आवाज तक के 9 दशक

भोपाल। भारत के स्वतंत्रता संघर्ष का वह दौर जब समाचार केवल खबर नहीं था, बल्कि जागृति और परिवर्तन का माध्यम था। इसी ऐतिहासिक दौर में जन्म हुआ एक ऐसे समाचार-पत्र का, जिसने मध्यभारत की आवाज़ बनने का संकल्प लिया। नवभारत की यह यात्रा इसलिए भी अलग है क्योंकि इसकी शुरुआत स्वतंत्रता आंदोलन की अलख जगाने से हुई थी।

श्री रामगोपाल जी माहेश्वरी नवभारत के संस्थापक, जनक और प्रधान संपादक रहे। उनका जन्म 20 नवंबर 1911 को हुआ। वह वकालत छोड़कर पत्रकारिता के पेशे में आए। उन्होंने ब्रिजलाल बियाणी के साथ नव राजस्थान से पत्रकारिता की शुरुआत की और 8 फरवरी 1934, वसंत पंचमी को नवभारत का प्रकाशन शुरू कर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान निर्भीक पत्रकारिता की। उन्होंने ब्रिटिश सरकार की कार्रवाई, नजरबंदी और दबाव के बावजूद प्रकाशन जारी रखा। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई। वह आजादी के बाद राष्ट्र निर्माण और जनहित की पत्रकारिता में संलग्न रहे। गांधीवादी विचारों से प्रेरित बाबूजी ने पत्रकारिता को समाज और राष्ट्र की सेवा का माध्यम बनाया। उनके तीन पुत्रों स्व. श्री प्रकाश चंद्र माहेश्वरी, स्व. श्री प्रफुल्ल कुमार माहेश्वरी और स्व. श्री विनोद माहेश्वरी का समाचार पत्र के विकास में बड़ा योगदान रहा है।

नवभारत ने अपने शुरुआती दिनों से ही स्वतंत्रता आंदोलन की घटनाओं को प्रमुखता से सामने रखा। 1940 के व्यक्तिगत सत्याग्रह और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान इसकी निर्भीक पत्रकारिता ने जन-जागरूकता में योगदान दिया। ब्रिटिश शासन ने प्रेस पर निगरानी रखी, छापे मारे और संस्थापक बाबूजी को जेल भी भेजा। 1929 में समाज सेवा के क्षेत्र में कर्मयोगी जीवन प्रारंभ करने के उपरांत उन्होंने अपने कार्य क्षेत्र का निरंतर विस्तार किया सामाजिक कार्य, स्वाधीनता संग्राम में योगदान, पत्रकारिता, साहित्यिक क्षेत्र आदि। अपने त्याग-तपस्या व साधना की बदौलत उन्होंने नवभारत को देश के एक प्रमुख व प्रतिष्ठित पत्र समूह का बृहद स्वरूप प्रदान किया।

भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 20 नवंबर 2012 को श्री रामगोपाल जी माहेश्वरी की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर उनकी स्मृति में 5 रुपये का एक स्मारक डाक टिकट जारी किया था।

नवभारत आज नागपुर, जबलपुर, भोपाल, रायपुर, इंदौर, बिलासपुर, ग्वालियर, मुंबई, सतना, छिंदवाड़ा इन 10 स्थानों से सफलतापूर्वक प्रकाशित हो रहा है।

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