
इंदौर:आईडीए ने शहर में रोबोट चौराहे पर फ्लाई ओवर ब्रिज प्रस्तावित किया है. उक्त ब्रिज खजराना फ्लाई ओवर की तरह निर्मित किया जाएगा, इसलिए रिंग रोड़ पर स्थित हरित क्षेत्र को भी हटाया तय है. आईडीए उक्त हरित क्षेत्र में लगे पेड़ों को अन्य स्थानों पर ट्रांसप्लांट को लेकर मंथन कर रहा है.आईडीए द्वारा रोबोट चौराहे पर 460 मीटर लंबा और तीन-तीन लेन चौड़ा फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण प्रस्तावित किया है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पिछले में में उक्त ब्रिज की घोषणा की थी. आईडीए द्वारा ब्रिज निर्माण की अनुमानित लागत 50 करोड़ रुपए का आंकलन किया है. अभी ब्रिज की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई जा रही है. आईडीए में डीपीआर के पहले मुख्य कैरेज वे ओर सर्विस रोड के बीच बड़ा हरित क्षेत्र है. उक्त ग्रीन बेल्ट में 1304 पेड़ है, जिसमें से 7 सौ पेड़ दो मीटर ऊंचाई तक है, लेकिन 6 सौ बड़े पेड़ जिनमें नीम, पीपल तथा अन्य प्रजाति के पेड़ भी है. आईडीए के सामने काम शुरू करने से पहले उक्त सभी पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने की चुनौती और समस्या दोनों है. यह बात अलग है कि आईडीए खजराना फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण के समय भी करीब 15 सौ पेड़ों का सुपर कॉरिडोर और अपनी विभिन्न योजनाओं में ट्रांसप्लांट किया था.
खाली जगह की जानकारी मांगी
आईडीए में अभी भी ब्रिज निर्माण में बाधक हरेभरे पेड़ों को सुरक्षित अन्य जगह पर स्थानांतरित करने का मंथन चल रहा है. इसके लिए आईडीए ने निगम को भी पत्र लिखकर खाली जगह की जानकारी मांगी है. आईडीए द्वारा अपनी योजनाओं और खासकर टीपीएस योजनाओं में भी जगह तलाश कर रहा है.
