
बांदकपुर/दमोह। आर्द्रा नक्षत्र, प्रदोष एवं पवित्र श्रावण सोमवार के विशेष संयोग पर प्रसिद्ध तीर्थक्षेत्र श्रीदेव जागेश्वरनाथ जी मंदिर बांदकपुर में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत सैलाब उमड़ पड़ा। इस विशेष अवसर पर मध्यप्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीदेव जागेश्वरनाथ जी के दर्शन कर जलाभिषेक व पूजन-अर्चन कर सुख, शांति, समृद्धि और परिवार के कल्याण की मंगलकामना की। अलसुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगना प्रारंभ हो गई थीं और पूरे दिन हर-हर महादेव, बम-बम भोले के जयघोष से संपूर्ण मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट व जिला प्रशासन द्वारा इस बार विशेष दर्शन व जलाभिषेक व्यवस्था बनाई गई थी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुगम दर्शन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गर्भगृह में प्रवेश पूर्णतः निषेध रखा गया। मंदिर ट्रस्ट प्रबंधक पंडित रामकृपाल पाठक ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह के बाहर से ही भगवान श्रीदेव जागेश्वरनाथ जी को जल अर्पित करने की विशेष व्यवस्था की गई, जिससे बड़ी संख्या में आने वाले भक्त बिना किसी अव्यवस्था के श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक कर सकें। इस व्यवस्था से दर्शनार्थियों को काफी सुविधा मिली और भीड़ का संचालन भी व्यवस्थित रूप से होता रहा। एसडीएम सौरभ गंधर्व व एएसपी सुजीत सिंह भदोरिया के नेतृत्व में एसडीओपी प्रिया सिंधी, तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी, प्रीतम सिंह, टीआई अंजलि अगिनहोत्री, टीआई महेंद्र सिंह जगेत, सब इंस्पेक्टर संतोष सिंह चौकी प्रभारी राजेंद्र मिश्रा, आनंद कुमार के अलावा भारी संख्या में पुलिस बल, मंदिर ट्रस्ट, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, मंदिर के कर्मचारियों, स्वयंसेवकों तथा स्थानीय नागरिकों ने श्रद्धालुओं के सहयोग के लिए विशेष व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यातायात व्यवस्था, दर्शन व्यवस्था, कतार प्रबंधन, पेयजल, सुरक्षा व अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर भी विशेष प्रबंध किए गए। पुलिस प्रशासन एवं स्थानीय लोगों के सहयोग से श्रद्धालुओं को सुगम व सुरक्षित दर्शन कराने का कार्य पूरे दिन निरंतर चलता रहा।
*नित्य हो रहा लघु रुद्रात्मक रुद्राभिषेक*
इसी क्रम में श्रीदेव जागेश्वरनाथ जी मंदिर में चल रहे ग्यारह दिवसीय लघु रुद्रात्मक रुद्राभिषेक का आयोजन भी विधि-विधान व वैदिक मंत्रोच्चार के साथ नित्य संपन्न हो रहा है। प्रतिदिन प्रातः भगवान श्रीदेव जागेश्वरनाथ जी का पंचामृत स्नान व पूजन-अर्चन संपन्न होने के उपरांत मंदिर की यज्ञशाला में विद्वान ब्राह्मणों द्वारा शुक्ल यजुर्वेदीय रुद्राष्टाध्यायी के वैदिक मंत्रों के साथ लघु रुद्रात्मक रुद्राभिषेक किया जा रहा है। श्रावण मास में भगवान शिव के रुद्राभिषेक का विशेष महत्व माना गया है और इस आयोजन में श्रद्धालुओं की भी निरंतर सहभागिता बनी हुई है।
मंदिर ट्रस्ट के प्रवक्ता आचार्य पंडित रवि शास्त्री ने बताया कि भगवान श्रीदेव जागेश्वरनाथ जी के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था निरंतर बढ़ रही है। आर्द्रा नक्षत्र, प्रदोष एवं श्रावण सोमवार के इस विशेष अवसर पर एक लाख श्रद्धालुओं ने धार्मिक आस्था का प्रमाण दिया। उन्होंने दर्शनार्थियों, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारियों, स्वयंसेवकों व स्थानीय नागरिकों का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग से इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुगम दर्शन व जलाभिषेक की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकी।
