
सीधी। जिले में खरीफ सीजन की बोनी का कार्य 108.90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में पूर्ण हो चुका है। जिले में इस बार 158.95 हजार हेक्टेयर में खरीफ की बुवाई कराने का लक्ष्य रखा गया है। खरीफ सीजन में वर्षा के मद्देनजर मक्का का रकवा बढ़ाया गया है तथा धान का क्षेत्रफल घटाया गया है।
31 जुलाई 2026 की स्थिति में जिले में 108.90 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में बोनी का कार्य किया जा चुका है। बोनी का कार्य अभी अनवरत रूप से चल रहा है। गत वर्ष 146.55 हजार हे. क्षेत्र में बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया था जबकि इस वर्ष मामूली बढ़ोत्तरी करते हुए जिले में 158.95 हजार हे. में खरीफ की बुवाई का प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें धान, मक्का, बाजरा, ज्वार, कोदो-कुटकी, तुअर, उड़द, मंूग, तिल आदि शामिल है। दूसरी ओर प्रदेश में मानसून सक्रिय होने के साथ ही किसानों द्वारा बोनी का कार्य शुरू कर दिया गया था। कृषि विभाग द्वारा इस वर्ष जिले में खरीफ सीजन के लिए जो क्षेत्राच्छादन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। उसमें धान का प्रस्तावित रकवा 120.25 हजार हे. क्षेत्र है जबकि वर्ष 2025 में 94.00 हजार हे. क्षेत्र में धान की बोनी का रकवा था। बताया कि फसलों को विभिन्न बीमारियों से बचाने व अच्छे के लिए बीजोपचार आवश्यक है। देर से बारिश होने एवं अल्पवर्षा की स्थिति के चलते कृषि विभाग द्वारा जिले में कृषकों को कम पानी में पकाने वाली फसलें मूंग, उड़द, अरहर, तिल, कोदौ, कुटकी व रागी लगाने की सलाह मैदानी अधिकारियों द्वारा दी जा रही है।
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खरीफ फसलों के क्षेत्राच्छादन की स्थिति
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इनका कहना है
सीधी जिले में करीब 80 प्रतिशत बोनी का कार्य अभी तक पूर्ण हो चुका है। धान का रोपा लगाने का कार्य काफी तेजी के साथ चल रहा है। अनुमान है कि करीब 10 दिनों में खरीफ सीजन की बोनी का कार्य लक्ष्य से अधिक हो जायेगा।
आर.एस.गुप्ता, डीडीए कृषि विभाग सीधी
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