
खैरलांजी, वन परिक्षेत्र खैरलांजी के परिक्षेत्र सहायक कटोरी अंतर्गत 10 अगस्त 2026 की सुबह गश्ती के दौरान चोरपिंडकेपार से पांढरवानी मार्ग के बीच एक व्यक्ति मृत अवस्था में मिला। वन्यप्राणी बाघ के हमले की सूचना मिलने पर वन अमला तत्काल मौके पर पहुंचा और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक की पहचान देवकराम पिता श्यामलाल वाघमारे, उम्र 46 वर्ष, निवासी ग्राम पांडरवानी, तहसील खैरलांजी, जिला बालाघाट के रूप में हुई है।.
घटनास्थल से कुछ दूरी पर तीन मवेशी भी मृत पाए गए। इनमें से एक मवेशी के गले के नीचे के हिस्से पर वन्यप्राणी द्वारा हमला किए जाने के निशान मिले। घटना की सूचना तत्काल मुख्य वन संरक्षक, वनवृत्त बालाघाट एवं वनमंडलाधिकारी, दक्षिण सामान्य वनमंडल बालाघाट को दी गई। घटना के संबंध में मौका स्थल पर 10 अगस्त 2026 को जनहानि प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। घटनास्थल पर वन अमले एवं पुलिस बल ने पहुंचकर एकत्रित ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की और स्थिति को नियंत्रित किया।
वन विभाग द्वारा मृतक के परिजनों को तात्कालिक सहायता राशि के रूप में 50 हजार रुपये प्रदान किए गए है। शासन के नियमों के अनुसार मृतक के परिवार को कुल 08 लाख रुपए की राशि प्रदान की जाएगी। शेष 07 लाख 50 हजार रुपए की सहायता राशि का प्रकरण वन विभाग द्वारा तत्परता के साथ तैयार किया जा रहा है। मृतक देवकराम के शव को परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटंगी भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद वन विभाग द्वारा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार निगरानी बढ़ा दी गई है। वाहन में स्पीकर लगाकर ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी कराई जा रही है तथा ग्रामीणों को बाघ की मौजूदगी को लेकर सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की समझाइश दी जा रही है।
मवेशी गारा स्थल पर ट्रैप कैमरा लगाया गया है, जिसके माध्यम से हिंसक वन्यप्राणी बाघ की निरंतर निगरानी की जा रही है। वन अमला आसपास के क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रहा है तथा बाघ के विचरण से संबंधित साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं।
