इंदौर ने फिर रचा पौधों का विश्व कीर्तिमान

इंदौर। रेवती रेंज में दो वर्ष पहले किए गए वृहद पौधरोपण और उसके बाद पौधों की लगातार देखभाल ने इंदौर को एक बार फिर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नया कीर्तिमान दिलाया। एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के ट्री ऑडिट में रेवती रेंज में 13 लाख 10 हजार 12 पौधे जीवित और सुरक्षित पाए गए। एक ही स्थान पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण के साथ दो वर्षों तक उनकी देखभाल के आधार पर नया रिकॉर्ड दर्ज किया गया।

विश्व कीर्तिमान की घोषणा के अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पौधरोपण को केवल अभियान नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दीर्घकालीन जिम्मेदारी बताया।

विजयवर्गीय बोले- पेड़ जहर सोखकर अमृत देता है, एक पेड़ लगाना शिव मंदिर बनाना

कैलाश विजयवर्गीय ने 9 अगस्त के महत्व का उल्लेख करते हुए भारत छोड़ो आंदोलन के क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि जिस तरह देश की आजादी के लिए लोगों ने बड़ा संकल्प लिया था, उसी तरह पर्यावरण संरक्षण के लिए भी सामूहिक संकल्प जरूरी है।

उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि मनुष्य और वाहन प्रदूषित गैसें छोड़ते हैं, जबकि पेड़ इन विषैली गैसों को सोखकर हमें ऑक्सीजन देते हैं। सावन के संदर्भ में भगवान शिव का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि “शिव विष को कंठ में धारण कर अमृत देते हैं और पेड़ भी प्रदूषण रूपी विष को लेकर ऑक्सीजन रूपी अमृत देते हैं। इसलिए एक पेड़ लगाना मतलब शिव मंदिर बनाना है।”

विजयवर्गीय ने कहा कि रेवती रेंज में लगाए गए पौधों को बचाना और संवारना सबसे बड़ी चुनौती थी। उन्होंने नगर निगम और महापौर के नेतृत्व में किए गए संरक्षण कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि इंदौर को क्लीन के साथ ग्रीन सिटी बनाना है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष 21 लाख पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है और अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा। हर रविवार बड़े स्तर पर पौधरोपण करने की योजना भी बताई। उन्होंने नागरिकों से जन्मदिन जैसे अवसरों पर पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आह्वान किया।

बीएल संतोष बोले- रिकॉर्ड के लिए नहीं, अगली पीढ़ी के लिए लगाए पौधे

भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने कहा कि वे मंच पर लंबा भाषण देने नहीं, बल्कि पौधे लगाने आए हैं। उन्होंने कहा कि रेवती रेंज दो साल पहले काफी सूखी और बंजर दिखाई देती थी, लेकिन आज यहां का दृश्य पूरी तरह बदल चुका है।

उन्होंने कहा, “यह रिकॉर्ड केवल रिकॉर्ड के लिए नहीं है। यह आने वाली पीढ़ी के लिए धरती, पर्यावरण और पानी बचाने का संकल्प है।” संतोष ने कहा कि दो साल पहले एक दिन में बड़े पैमाने पर पौधरोपण के बाद कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने केवल आंकड़ा बढ़ाने के बजाय प्रत्येक पौधे को बचाने और उसका पालन-पोषण करने का संकल्प लिया। इसी निरंतर देखभाल का परिणाम आज सामने है।

राष्ट्रीयसंगठन के महामंत्री ने इंदौर के स्वच्छता मॉडल की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इंदौर की जनता ने अपने व्यवहार में बदलाव कर देश में स्वच्छता की मिसाल कायम की है। अब इसी नागरिक भागीदारी से इंदौर को देश का ग्रीन सिटी बनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

 

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल नारा नहीं, बल्कि भावनात्मक और पर्यावरणीय संकल्प है। मां के नाम पौधा लगाने के बाद जिस तरह मां का लालन-पालन किया जाता है, उसी भावना से पौधे का भी संरक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने पर्यावरण संतुलन, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन की चुनौती का उल्लेख करते हुए अधिक से अधिक पौधरोपण और संरक्षण की जरूरत बताई।

 

महापौर बोले- क्लीन सिटी के बाद अब ग्रीन सिटी की ओर इंदौर

 

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ आह्वान पर देशभर में लोगों ने अपनी मां की स्मृति में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण को जनअभियान बनाया है। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ‘एक बगिया मां के नाम’ और जल संरक्षण से जुड़े अभियानों के साथ पौधरोपण को जोड़ा गया है।

 

उन्होंने कहा कि नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के आह्वान पर इंदौर में बड़े पैमाने पर पौधरोपण कर विश्व कीर्तिमान बनाया गया और अब उसी रेवती रेंज में दो वर्षों की देखभाल के बाद नया कीर्तिमान दर्ज हुआ है।

 

भार्गव ने कहा कि “देश का सबसे स्वच्छ शहर अब सबसे हरित शहर बनने का संकल्प ले रहा है।” उन्होंने स्कूलों, एनजीओ और युवा साथियों की भागीदारी को इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बताया। उनके अनुसार इंदौर ने स्वच्छता के साथ पर्यावरण और एयर क्वालिटी के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन का प्रयास किया है और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के जरिए शहर दुनिया को पर्यावरण संरक्षण की दिशा दे सकता है।

 

रेवती रेंज का यह कीर्तिमान पौधों की संख्या से अधिक उनकी दो वर्षों तक की गई देखभाल का प्रमाण है। बंजर और सूखी नजर आने वाली पहाड़ी का हरियाली में बदलना इंदौर के सामूहिक संकल्प, नागरिक भागीदारी और निरंतर पर्यावरण संरक्षण प्रयासों का परिणाम है।

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