
सिंगरौली । जिले में मुख्यमंत्री योजनाओं तथा रेट्रोफिटिंग योजना के कार्यो में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार किये जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आ रहा है। आरोप है कि उक्त योजनाओं में पूर्व में मंजूर 604 करोड़ रूपये में खेला कर दिया गया।
दरअसल मुख्यमंत्री योजनाओं तथा रेट्रोफिटिंग योजनाओं के तहत चितरंगी एवं देवसर विकासखंड में 9 ग्राम पंचायतों में उक्त योजना के लिए 604 करोड़ रूपये के लिए मंजूरी मिली, किंतु विभागीय लापरवाही एवं अनियमितताओं के चलते भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। सूत्र बताते हैं कि पीएचई के कार्यपालन यंत्री टीएस बरकड़े ने बड़ा खेल खेलते हुये परीक्षण पुनरीक्षित उपरांत उक्त योजनाओं की राशि 604 करोड़ रूपये के स्थान पर 2527.46 करोड़ रूपये कर दिया गया। करीब 19 करोड़ रूपये कार्यो की लागत बढ़ा दी गई। बताया जाता है कि अब यहीं से खेल शुरू हुआ है। ग्राम पंचायत खैरा, नौगई समेत अन्य पंचायतो में मंजूर उक्त योजना के कार्य में ठेकेदार के द्वारा अब दोबारा पाइप बस्तियों में बिछाई जा रही है और कई जगह बिछा भी दी गई है, जबकि जिस वक्त उक्त योजना 6 साल पूर्व मंजूर हुई थी, उसके बाद पंचायतो में ठेकेदार ने पाइप बिछाने का कार्य किया था, अब सवाल उठाया जा रहा है कि आखिरकार दोबारा पाइप बिछाने का कार्य क्यों किया गया और पुरानी पाइप कहां गई, इसका कोई हिसाब-किताब नही है। ग्राम पंचायत नौगई द्वितीय (पराई) के सरपंच ने भी इसपर आपत्ती जता चुके हैं। उन्होंने पीएचई के कार्यपालन यंत्री से लेकर एसडीओ एवं उपयंत्री को वस्तुस्थिति से अवगत कराया था, लेकिन इसका कोई मतलब नही निकला। चर्चा है कि पीएचई कार्यपालन यंत्री पर प्रभारी मंत्री का संरक्षण है। इसी के चलते पीएचई विभाग में भ्रष्टाचार का बोलबाला है।
नौगई- पराई में पेयजल टंकी का कार्य नही हुआ शुरू
नौगई द्वितीय पंचायत के सरपंच सतीश द्विवेदी का कहना है कि जब पूर्व में एक बार पाइप लाइन का कार्य हो चुका था, फिर दोबारा कार्य कराने की क्या जरूरत आ पड़ी? पूर्व में जो पाइप लाइन का कार्य कराया गया था, अब उसका क्या होगा? क्या सरकारी रकम का दुरूपयोग नही है? उन्होंने यह भी कहा है कि पानी के टंकी का कार्य अभी शुरू नही हुआ और पाइप बिछाने का कार्य किया जा रहा है। यदि पूर्व की तरह यह भी कार्य ठप हुआ तो ठेकेदार पर विभाग किस तरह का दबाव बना पाएगा। इधर चर्चाएं हैं कि ठेकेदार का एफडी भी नही है और पीएचई में करोड़ों रूपये का कार्य कर रहा है।
पीएचई विभाग बना भ्रष्टाचार का अड्डा : राजेश
आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव राजेश सोनी ने कहा कि पीएचई विभाग सिंगरौली भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। यहां निविदाओं में बड़ा खेला हो चुका है। प्रमुख सचिव पीएचई के आदेश के बावजूद कार्यपालन यंत्री पर कार्रवाई नही हुई। उन्होंने आरोप लगाया है कि पीएचई में संचालित योजनाओं में व्यापक भ्रष्टाचार हो रहा है। पीएचई विभाग की मंत्री सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री हैं और उन्ही के विभाग में भ्रष्टाचार करने के लिए कहीं न कही राजनैतिक संरक्षण मिला है। कार्यपालन यंत्री के साथ-साथ मैकेनिक का भी कारनामा जगजाहिर हो चुका है।
