नयी दिल्ली 07 अगस्त (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने हाल ही में कर्नाटक में हुए शिवकुमार मंत्रिमंडल को लेकर कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि ‘चढ़ावे’ या ‘लेन-देन’ की संस्कृति ही कांग्रेस की असल चाल, पहचान और चेहरा है और इसी में उतार-चढ़ाव के आधार पर ‘पार्टी आलाकमान ‘ पार्टी में नेताओं का कद और पद तय करता है।
श्री ठाकुर ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत में आज कर्नाटक में कांग्रेस नेताओं को लेकर चल रही चर्चाओं के अनुसार, राज्य सरकार में 80 प्रतिशत मंत्री पद इसी चढ़ावे के आधार पर तय किए गये हैं। इतना ही नहीं, दलितों के लिए बनी वाल्मीकि योजना के कोष में हेराफेरी के आरोपी विधायक बी नागेंद्र को फिर से मंत्री बना दिया गया है। इस आरोप के कारण उन्हें सिद्दारमैया मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था।
उन्होंने कहा कि सवाल उठता है कि जो व्यक्ति वाल्मिकि योजना में भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप है और जिसके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जांच कर रहा है, उसे नये मंत्रिमंडल में जगह क्यों दी गई? क्या दलितों के लिए आए पैसों का गबन करने वाले शख्स को नये कैबिनेट में चढ़ावे के आधार पर जगह दी गये? क्या वाल्मिकि योजना का पैसा गबन करने का इनाम दिया गया। क्या नया पद बनाया गया? और क्या उस व्यक्ति को गरीबों के कल्याण के लिए बनायी गयी योजना से पैसे चुराने के लिए पुरस्कृत किया गया था?
भाजपा सांसद ने कहा कि वरिष्ठ नेता एच.के. पाटिल को शिवराज मंत्रिमंडल में पद नहीं मिला, जिसको लेकर कांग्रेस आलाकमान पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। कांग्रेस के भीतर ही लग रहे हैं कि 80 प्रतिशत मंत्री चढ़ावा देकर बनाए जाते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को जवाब देना चाहिए। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस प्रभारी और कांग्रेस के संगठन महासचिव को भी जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री आर.बी. तिम्मापुर से जुड़े कथित वायरल ऑडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कांग्रेस में किसी व्यक्ति का कद और पद आलाकमान को दिए गए चढ़ावे के आधार पर तय होता है। यह मैं नहीं कह रहा हूं, यह बात सामने आए ऑडियो टेप से कांग्रेस नेताओं की बातचीत में सामने आई है। उस टेप में गंभीर आरोप लगाए गये हैं कि 80 प्रतिशत मंत्री ऐसे हैं जो अपनी सीटों के लिए चढ़ावे के जरिए पैसे देते हैं और ऊंचे लोगों को चढ़ावा दिया जाता है।” उन्होंने सवाल किया कि किसको दिया गया प्रसाद? कब दिया गया? और इस प्रसाद के बदले कितने मंत्री बनाए गए?’
