तेहरान, 07 अगस्त (वार्ता) ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से अमेरिका, इजरायल तथा अन्य दुश्मन देशों के जहाजों को गुजरने पर प्रतिबंध लगाने लिए एक विधेयक लाने की तैयारी कर रहा है और मौजूदा समय में ईरानी सांसद इसकी समीक्षा कर रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अगर ईरानी संसद इस प्रस्तावित विधेयक को मंज़ूरी प्रदान कर देती है, तो यह होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में सुरक्षा, नेविगेशन और आर्थिक गतिविधियों के प्रबंधन के लिए एक रणनीतिक ढांचा तैयार करेगा। ग्यारह अनुच्छेद वाले इस शुरुआती प्रस्ताव से ईरानी अधिकारियों को समुद्री ट्रैफ़िक पर ज़्यादा अधिकार मिलेंगे। इनमें नेविगेशन गाइडेंस, शिपिंग रूट की जांच, पर्यावरण की निगरानी, जहाज़ों की योग्यता का आकलन और समुद्री सेवाओं का समन्वय शामिल है। होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी की सुरक्षा और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक कार्रवाई नाम का यह विधेयक अभी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के विचाराधीन है।
संसद के पीठासीन बोर्ड के सदस्य अलीरेज़ा सलीमी ने कहा कि यह दस्तावेज़ अभी सिर्फ़ एक शुरुआती प्रस्ताव है और इसे अंतिम मंज़ूरी मिलनी बाकी है। उन्होंने कहा, “यह एक शुरुआती प्रस्ताव है जिस पर समिति में चर्चा हुई है और यह अभी समिति की अंतिम रिपोर्ट नहीं है।” ईरानी सरकारी मीडिया और अर्ध-आधिकारिक फार्स समाचार एजेंसी की रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित कानून ईरान को उन जहाज़ों पर रोक लगाने की अनुमति देगा जो अमेरिका, इज़रायल और अन्य देशों या संस्थाओं से जुड़े हैं जिन्हें वह ‘दुश्मन’ मानता है।
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति द्वारा समीक्षा किए जा रहे इस मसौदा विधेयक को ईरानी सांसदों ने होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा, नेविगेशन प्रबंधन और आर्थिक निगरानी को मज़बूत करने वाले ढांचे के तौर पर बताया है। इसके तहत अमेरिका, इज़रायल और अन्य दुश्मन माने जाने वाले देशों या संगठनों के स्वामित्व, संचालन या झंडे वाले जहाज़ों को इस रणनीतिक जलमार्ग से गुज़रने से रोका जा सकता है।
उन्होंने कहा, “यह विधेयक उन जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने से रोकेगा जो दुश्मन देशों या संस्थाओं से जुड़े हैं।” प्रस्तावित विधेयक न केवल सैन्य जहाजों पर, बल्कि कुछ वाणिज्यिक जहाजों और कार्गो पर भी रोक लगाएगा जो इज़रायल या उन संस्थाओं से जुड़े हैं जिन पर ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों (जैसे हिज़्बुल्लाह, अंसारुल्लाह और इराक की पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फोर्सेज़) के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप है।
इस मसौदा विधेयक में उन जहाजों के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान हैं जो जासूसी, खुफिया गतिविधियों या ऐसे संचालनों में शामिल हैं जिन्हें ईरान राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। अगर यह विधेयक कानून बन जाता है, तो इसमें नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का भी प्रावधान है। इसमें कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों या कार्गो पर जहाज और उसके कार्गो की कीमत का 20 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। कानून में यह भी प्रस्ताव है कि ईरान नेविगेशन, सुरक्षा निगरानी और समुद्री प्रबंधन सेवाओं के लिए फीस ले। खबरों के मुताबिक, भुगतान को ईरान की राष्ट्रीय मुद्रा में प्राथमिकता दी जाएगी। श्री सलीमी ने कहा, “यह सैन्य या युद्धपोतों के साथ-साथ जासूसी या ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ माने जाने वाले कामों में शामिल जहाजों के आने-जाने पर भी रोक लगाएगा।”
इसके अलावा, जिन देशों, कंपनियों या संगठनों पर ईरान के हितों को नुकसान पहुंचाने, प्रतिबंध लगाने या ईरान की संपत्ति को फ्रीज करने का आरोप है, उन पर तब तक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं जब तक कि वे मुआवजा न दे दें।
उन्होंने कहा, “इस विधेयक में यह भी प्रावधान है कि ईरान नेविगेशन, देखरेख, प्रबंधन और सुरक्षा सेवाओं के लिए शुल्क लेगा और ईरानी राष्ट्रीय मुद्रा में भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी।” विधेयक के तहत जिन देशों, संगठनों, सरकारों, कंपनियों या अन्य संस्थाओं ने ईरान को नुकसान पहुँचाया है, उन्हें ईरान को मुआवज़ा देना होगा। यह प्रस्तावित कानून ऐसे समय में आया है जब ईरान और ओमान होर्मुज़ जलडमरूमध्य के लिए एक नयी शिपिंग व्यवस्था पर बातचीत कर रहे हैं।
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इन बातचीत का मकसद समुद्री यातायात में रुकावटों के बाद नये वाणिज्यिक ट्रांज़िट रूट बनाना है। उन्होंने कहा, “जब तक ऐसा मुआवज़ा नहीं दिया जाता, उन्हें होर्मुज़ जलडमरूमध्य या फारस की खाड़ी से गुज़रने की अनुमति नहीं दी जाएगी।” विधेयक में ईरान पर लगाए गये प्रतिबंधों (जैसे फ्रीज़ की गयी संपत्ति) का भी ज़िक्र है, जिन देशों ने ईरान पर प्रतिबंध लगाए हैं या ईरानी संपत्ति फ्रीज़ की है, उन पर भी इस प्रस्ताव के तहत ट्रांज़िट प्रतिबंध लागू होंगे।
उन्होंने बताया कि विधेयक में कहा गया है कि ईरान निजी क्षेत्र के सहयोग से वेयरहाउसिंग सेवाएँ दे और कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए भारी जुर्माने का प्रस्ताव है, जिसमें शामिल कार्गो और जहाज़ की कीमत का 20 प्रतिशत तक का आर्थिक जुर्माना शामिल है। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि ईरान और ओमान वाणिज्यिक शिपिंग के लिए एक फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देने के करीब हैं।
उन्होंने कहा, “ईरान-ओमान के बीच नई समझ एक नया मॉडल है जो आज के सुरक्षा माहौल को दर्शाता है।” ईरान ने संकेत दिया है कि भविष्य के शिपिंग गलियारे में ईरानी समुद्री सीमा से होकर गुज़रने वाले मार्ग शामिल होंगे, जिससे व्यावसायिक यातायात की निगरानी और प्रबंधन में ईरान की भूमिका बड़ी हो जाएगी।
