ग्वालियर। साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और पीड़ितों को शीघ्र राहत दिलाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने पुलिस कंट्रोल रूम सभागार में जिले के सभी थाना प्रभारियों की समीक्षा बैठक ली।
बैठक में प्रत्येक थाने में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामलों की बिंदुवार समीक्षा की गई। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों से केस डायरी, विवेचना की स्थिति, तकनीकी साक्ष्यों के संकलन, बैंक खातों के विश्लेषण और आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रगति की जानकारी ली।
बैठक में साइबर ठगी की राशि को समय पर होल्ड कराने, संदिग्ध खातों को फ्रीज कराने और फ्रीज राशि पीड़ितों को वापस दिलाने की कार्यवाही पर विशेष फोकस रहा। एसएसपी ने निर्देश दिए कि जांच के दौरान यदि किसी खाताधारक का बैंक खाता होल्ड या फ्रीज किया जाता है तो उसे बैंक शाखा में आवेदन और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए, ताकि आमजन में भ्रम की स्थिति न बने।
इस दौरान साइबर क्राइम विंग के उप निरीक्षक हरेन्द्र राजपूत ने सभी थाना प्रभारियों को एमआरएम (मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल) और जीआरएम (ग्रीवेंस रिड्रेसल मैकेनिज्म) पोर्टल के संचालन को लेकर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित निराकरण, समय पर जानकारी अपडेट करने और लंबित शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग के बारे में विस्तार से बताया।
एसएसपी ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम, त्वरित विवेचना, तकनीकी अनुसंधान और अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही थाना स्तर पर साइबर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड, निवेश और सोशल मीडिया ठगी से बचाव के प्रति जागरूक किया जाए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर सुजावल जग्गा सहित जिले के सभी सीएसपी, एसडीओपी, थाना प्रभारी और साइबर विंग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे
