भोपाल। नगर निगम मुख्यालय में गुरुवार को निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने सभी विभागों की समीक्षा बैठक की. समीक्षा बैठक में आयुक्त ने जोन क्रमांक 2, 3, 4, 5, 10, 15 और 17 की राजस्व वसूली को संतोषजनक नहीं पाया. राजस्व वसूली में लापरवाही करने वाले अधिकारियों कर्मचारियों पर निगमायुक्त ने अब सख्त रुख अपनाया है. जिसके तहत निगम आयुक्त संस्कृति जैन 7 जोनल अधिकारियों और 31 वार्ड प्रभारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही भवनों का सत्यापन कर वास्तविक कर निर्धारण नहीं करने वाले सहायक आयुक्तों और राजस्व अधिकारियों का वेतन भी अगले आदेश तक लंबित रखने को कहा गया. बैठक में आयुक्त ने संपत्तिकर, जल उपभोक्ता प्रभार और लीज राशि के बकायेदारों के खिलाफ कुर्की और तालाबंदी की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए. साथ ही सभी संपत्तियों को कर के दायरे में लाकर नई आईडी बनाने और भवन अनुज्ञा के अनुसार करारोपण सुनिश्चित करने को कहा.
सत्यापन नहीं, तो वेतन भी नहीं
आयुक्त ने कहा कि निगम सीमा की सभी संपत्तियों का वास्तविक क्षेत्रफल के आधार पर सत्यापन और कर निर्धारण अनिवार्य है. इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले सभी सहायक आयुक्तों और राजस्व अधिकारियों का वेतन भी रोकने के निर्देश दिए गए. हालांकि मोहित नागर को इस कार्रवाई से अलग रखा गया है.
अन्य मामलों पर भी सख्ती
आयुक्त ने सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर-बैनर और दीवार लेखन करने वालों से पुताई का खर्च वसूलने, गंदगी फैलाने वालों पर स्पॉट फाइन लगाने तथा आवारा पशुओं को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिए.
