विंध्य को मिलेगा टूरिज्म का नया नक्शा,संसद में सतना सांसद की मांग

सतना: विंध्य क्षेत्र को देश के प्रमुख पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में सतना लोकसभा क्षेत्र के सांसद गणेश सिंह ने लोकसभा में नियम-377 के तहत महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार का ध्यान विंध्य क्षेत्र में समेकित टाइगर एवं जैव विविधता पर्यटन सर्किट विकसित करने की ओर आकर्षित करते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने तथा आवश्यक वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की मांग की।सांसद ने कहा आकर्षक गंतव्य बनेगासांसद ने सदन में कहा कि विंध्य क्षेत्र प्राकृतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। यहां व्हाइट टाइगर सफारी, मुकुंदपुर, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, पन्ना टाइगर रिजर्व तथा चित्रकूट जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन एवं आस्था केंद्र स्थित हैं।

यदि इन सभी स्थलों को एक समेकित पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित किया जाए तो यह देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन सकता है।बड़े पैमाने पर होंगे रोजगार के अवसरसांसद ने कहा कि इस पर्यटन सर्किट के विकास से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। पर्यटन अवसंरचना का विस्तार, बेहतर सडक़ नेटवर्क और लास्ट माइल कनेक्टिविटी, ईको-टूरिज्म सुविधाओं का विकास, स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण, होम-स्टे को बढ़ावा तथा स्थानीय हस्तशिल्प और वन उत्पादों के विपणन के माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं।

इससे विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन मॉडल अपनाया जाएलोकसभा में दिए गए अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि चित्रकूट भगवान श्रीराम की तपोभूमि होने के कारण धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इसलिए प्रस्तावित पर्यटन सर्किट के विकास के दौरान भगवान श्रीराम से जुड़ी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सांसद ने यह भी कहा कि पर्यटन विकास के साथ-साथ जैव विविधता और वन्यजीवों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि विकास कार्यों में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन मॉडल अपनाया जाए, जिससे प्राकृतिक संपदा सुरक्षित रहे और पर्यटन भी बढ़े। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि व्हाइट टाइगर सफारी मुकुंदपुर, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, पन्ना टाइगर रिजर्व और चित्रकूट को जोड़ते हुए एक समेकित टाइगर एवं जैव विविधता पर्यटन सर्किट की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उसे शीघ्र स्वीकृति दी जाए। सांसद का कहना है कि इस पहल से पर्यटन, रोजगार, स्थानीय विकास, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और वन्यजीव संवर्धन को एक साथ नई दिशा मिलेगी।

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