रायपुर, 06 अगस्त (वार्ता) छत्तीसगढ़ में भालू के हमलों की दो अलग-अलग घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में दहशत फैला दी। एक तरफ जहां कांकेर जिले में भालू के हमले में दो ग्रामीणों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं धमतरी जिले में जंगल में मशरूम तलाशने गए दो ग्रामीण भालू के हमले में घायल हो गए, जिनका अस्पताल में उपचार जारी है।
वन विभाग से गुरुवार सुबह मिली जानकारी के अनुसार, दोनों ही घटना बुधवार को घटित हुई, कांकेर जिले के नरहरपुर वन परिक्षेत्र के मरकाटोला–लारगांव क्षेत्र में यह घटना हुई। बताया गया है कि जंगल से लगे इलाके में एक भालू की मौजूदगी की सूचना पहले ही ग्रामीणों को मिल गई थी। ग्रामीणों ने भालू का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया था तथा वन विभाग को भी इसकी जानकारी दी थी। जानकारी के मुताबिक, स्कूल से लगे जंगल क्षेत्र में एक मृत भालू के पास मादा भालू मौजूद थी।
जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना मिलने के बाद भी समय रहते वन विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते यह घटना हुई। भालू के हमले में दो लोगों की जान चली गई, जबकि एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। विभाग ने ग्रामीणों से जंगल की ओर नहीं जाने और सतर्क रहने की अपील की है। घायल ग्रामीण को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। मादा भालू की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही है तथा गांव के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग की कार्रवाई को लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है।
इधर, धमतरी जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र अंतर्गत वन परिक्षेत्र उत्तर सिंगपुर के परसाबुडा गांव में भी भालू के हमले की घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि आज सुबह करीब पांच बजे दो ग्रामीण अलग-अलग समय पर कुंआनार जंगल में मशरूम की तलाश के लिए गए थे। इसी दौरान जंगल में पहले से मौजूद भालू ने दोनों पर बारी-बारी से हमला कर दिया।
हमले में दोनों ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह भालू को वहां से भगाया। इसके बाद दोनों घायलों को तत्काल मगरलोड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद वन विभाग ने जंगल से लगे गांवों के लोगों से विशेष सतर्कता बरतने और वन क्षेत्रों में अकेले प्रवेश नहीं करने की अपील की है।
