
इंदौर. शहर में महज 12 घंटे के भीतर चार नेत्रदान और एक त्वचा दान संपन्न होने से कई जरूरतमंदों को नई जिंदगी और नई रोशनी मिलने की उम्मीद जगी है. अपनों को खोने के गहरे दुख के बीच चार परिवारों ने मानवता का परिचय देते हुए अंगदान का संकल्प निभाया और समाज के सामने प्रेरणादायी उदाहरण पेश किया.
दिवंगत कुमारी रिद्धिका राठौड़, सरदार त्रिलोचन सिंह, दिलीप मेहता और महेश हर्निया के परिजनों ने नेत्रदान कराया. इनमें दो नेत्रदान एमवाय आई बैंक तथा दो नेत्रदान एमके इंटरनेशनल आई बैंक की तकनीकी टीम ने संपन्न कराए. इस दौरान भाई जीतू बगानी, गोपाल सिरोके, डॉ. नीतू कोरी और डॉ. प्रतिभा की टीम ने तकनीकी सेवाएं प्रदान कीं. इसके अलावा दिवंगत दिलीप मेहता के परिजनों ने त्वचा दान का भी निर्णय लिया. त्वचा का संग्रह चोइथराम स्किन बैंक की तकनीकी टीम ने जयवंत निकम के नेतृत्व में किया. नेत्रदान और त्वचा दान के लिए समन्वय की जिम्मेदारी सत्यनारायण पटेल, तरुण पाहवा, धर्मेंद्र कोठारी और कपिल राठौड़ ने निभाई. मुस्कान ग्रुप पारमार्थिक ट्रस्ट पदाधिकारियों ने बताया कि इंदौर में तीन आई बैंक और एक स्किन बैंक की उपलब्धता के साथ नागरिकों की परोपकार की भावना ही ऐसे मानवीय कार्यों को संभव बना रही है.
