सतना :तीन दिन पहले युवक का अचानक गायब हो जाना, उसका मोबाइल लगातार बंद बताना, युवक के साथ आखिरी बार देखे गए संदिग्ध के बारे में स्पष्ट तौर पर बताया जाना और इन सभी घटनाक्रमों के सामने होने के बावजूद भी पुलिस द्वारा हीला हवाली करते रहना, यहां तक तो हालात सामान्य बने रहे. लेकिन मंगलवार की सुबह लापता युवक की बोरी में बंद लाश मिलने की घटना ने परिजनों को झकझोर कर रख दिया. नतीजतन पुलिस पर अकर्मण्यता का गंभीर आरोप लगाते हुए आक्रोशित लोगों ने एफआरवी वाहन पर पथराव, पुलिसकर्मियों के साथ झूमाझटकी, एसडीओपी कार्यालय का घेराव करने में थोड़ा भी गुरेज नहीं किया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के जसो थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम-पोस्ट अमकुई निवासी 20 वर्षीय युवक अतुल कुशवाहा पिता रामकेश 1 अगस्त की रात लगभग सवा 9 बजे से अचानक लापता हो गया था. चिंतित परिजनों द्वारा लगातार उसके फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया. लेकिन फोन स्विच ऑफ बताता रहा. जिसे देखते हुए परिजनों ने आस पड़ोस, मित्रों, रिश्तेदारों से लेकर सभी संभावित स्थानों पर खोजबीन शुरु की, लेकिन अतुल के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली. अलबत्ता परिजनों के सामने इस बात की जानकारी जरुर सामने आई कि अतुल को आखिरी बार एक संदेही युवक के साथ देखा गया था.
लिहाजा किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए परिजनों ने थाने में फरियाद की. परिजनों का कहना है कि पहले तो पुलिस कुछ सुनने को ही तैयार नहीं थी. कुछ पुलिस कर्मियों ने अगले दिन आने की बात कहकर उन्हें चलता करने का प्रयास भी किया. इसी दौरान परिजनों द्वारा संदिग्ध युवक के बारे में भी पुलिस को बताया. लेकिन जिम्मेदारों के कानों में जूं तक नहीं रेंगी. परिजनों के अनुसार अतुल के लापता होने के बाद जैसे-जैसे समय बीतता रहा वैसे वैसे उनकी चिंताएं और बढ़ती गईं. वहीं दूसरी ओर पुलिस ने न तो अपने स्तर से गुमशुदा अतुल का पता लगाने का कोई प्रयास किया और न ही संदेही से कड़ाई से पूछताछ की. बल्कि संदेही से औपचारिक जानकारी उसे लेकर जाने दिया गया. पुलिस की इस कार्यशैली को देखने, सुनने और समझने के अलावा परिजनों के पास और कोई विकल्प नहीं बचा था. लिहाजा वे अतुल के सकुशल वापस लौट आने की प्रार्थना इश्वर से करते रहे.
बोरी में बंद मिला शव
मंगलवार की सुबह अमकुई गांव के रास्ते में विद्यालय के पीछे वाले रास्ते से गुजर रहे ग्रामीणों ने संदिग्ध हालत में बोरी पड़ी देखा. घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जब बोरी को खुलवाया तो उसमें अतुल का शव मिला. यह जानकारी आग की तरह समूचे क्षेत्र में फैल गई. देखते ही देखते परिजनों सहित आस पास के गांव के रहवासी एकत्र हो गए. बेटे का शव देख मां यह कहकर बिलखने लगी कि यदि पुलिस ने कार्रवाई की होती तो उनका बेटा आज जिंदा होता. बेटे के शव के सामने मां के इस करुण कं्रदन ने लोगों को झकझोर दिया.
एफआरवी पर पथराव
घटना से आक्रोशित लोगों ने अतुल की मौत के पीछे की वजह पुलिस की अकर्मण्यता बताते हुए एफआरवी वाहन पर पथराव शुरु कर दिया. जिसके चलते कुछ पुलिस कर्मियों ने किसी तरह स्वयं को बचाया. वहीं परिवार सहित अन्य महिलाओं ने रोते-बिलखते हुए एफआरवी वाहन को घेरने के साथ ही पुलिस कर्मियों से झूमा झटकी शुरु कर दी. मौके पर पहुंचे नागौद थाना प्रभारी मनोज सोनी ने लोगों को समझाने का प्रयास किया. लेकिन लोगों के भडक़े आक्रोश के सामने यह प्रयास नाकाफी साबित हुआ. इस दौरान एफआरवी में सवार संदेही युवक ने भागने का प्रयास भी किया. लेकिन भनक लगते ही पुलिस कर्मियों ने उसे दौडाक़र पकड़ लिया.
पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी नागौद रघु केसरी ने मौके पर पहुंचने के साथ ही जसो के साथ-साथ नागौद और उचेहरा थाने का पुलिस बल भी बुला लिया. वज्र वाहन समेत चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चत करने के क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेम लाल कुर्वे भी मौके पर पहुंच गए. लेकिन लोगों का आक्रोश इस कदर उमड़ रहा था कि पुलिस कर्मियों पर भी पथरबाजी कर दी गई. इसी कड़ी में एसडीओपी कार्यालय के घेराव करते हुए पुलिस के विरुद्ध नारेबाजी की गई. लगभग 5 घंटे तक जारी रहे भीषण गतिरोध के बाद लोगों का गुस्सा कुछ हद तक कम हुआ और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने पर सहमति बन पाई.
बैंक से निकाले थे 3 लाखइस संबंध में जो
जानकारी निकलकर सामने आई उसके अनुसार किसी लडक़ी को लेकर मृतक अतुल और प्रमुख संदेही युवक के साथ झगड़ा हुआ था. इसी कड़ी में यह भी सामने आया कि मृतक अतुल द्वारा 1 अगस्त को इंडियन बैंक से 3 लाख रु निकाले गए थे. जिसमें से 2 लाख उसने घर में रखे और 1 लाख दुकान में. मृतक अतुल जसो क्षेत्र में मोबाइल की दुकान संचालित करता था. जिस रात वह गायब हुआ उसी रात वह प्रमुख संदेही युवक के साथ बाइक पर बैठकर गया था. और दोनों ने साथ बैठकर शराबखोरी की थी.
