जयपुर, 04 अगस्त (वार्ता) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा बांसवाड़ा जिले में मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने से इनकार कर देने से इस बात में अब कोई शक नहीं रह गया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए आदिवासी अस्मिता का कोई मोल नहीं है और आदिवासी समाज इनके लिए केवल वोट बैंक है।
श्री गहलोत ने मंगलवार को अपने बयान में यह आरोप लगाते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि मानगढ़ धाम वह पवित्र भूमि है, जहां गोविंद गुरु के आह्वान पर आदिवासी समाज ने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संगठित संघर्ष किया और सैकड़ों आदिवासी भाई-बहनों ने गोलियों का सामना करते हुए बलिदान दिया। यही कारण है कि मानगढ़ को आदिवासियों का जलियांवाला बाग कहा जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जब मानगढ़ धाम आये थे, तब ऐसा माहौल बनाया गया कि अब इसे राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा मिल ही जाएगा। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इसके लिए पुरजोर प्रयास किये, लेकिन श्री मोदी ने आदिवासी समाज की भावनाओं का ध्यान न रखते हुए इस विषय को टरका दिया।
श्री गहलोत ने कहा कि अब केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट कह दिया है कि मानगढ़ धाम राष्ट्रीय स्मारक घोषित होने योग्य नहीं है। विडंबना यह है कि यह इनकार उस मंत्रालय से आया है, जिसके मंत्री राजस्थान के ही श्री गजेंद्र सिंह शेखावत हैं। इससे भी बड़ी बात यह कि छह जुलाई 2022 को राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण के तत्कालीन अध्यक्ष तरुण विजय ने मानगढ़ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की सिफारिश करते हुए विस्तृत रिपोर्ट तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को सौंपी थी। यानी सिफारिश भी इनके अपने लोगों की, फाइल भी इन्हीं के पास और इनकार भी इन्हीं का।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि राजस्थान के दोनों केंद्रीय मंत्रियों और प्रदेश के सांसदों को बताया जाना चाहिए कि क्या वे राजस्थान की भावनाओं और आदिवासी समाज के संघर्ष को भूल गये हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में मानगढ़ धाम को भव्य ट्राइबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने का वादा किया था। हकीकत यह है कि दर्जा देना तो दूर, यह सरकार उसकी पात्रता तक नकार रही है।
श्री गहलोत ने पुरजोर मांग की है कि केंद्र सरकार अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करे और आदिवासी शहीदों के इस बलिदान स्थल को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा दे।
