5 से 8 अगस्त तक भोपाल में ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव, 9 देशों की संस्कृति आएगी एक मंच पर

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल 5 से 8 अगस्त तक अंतरराष्ट्रीय स्तर के ब्रिक्स कल्चरल वर्किंग ग्रुप और संस्कृति मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा। इस दौरान भारत सहित 9 देशों के प्रतिनिधि, संस्कृति मंत्री और कलाकार भोपाल पहुंचेंगे। चार दिनों तक संस्कृति, विरासत, कला और आपसी सहयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम के तहत मिंटो हॉल में ‘ज्ञान भारतम्’, ‘प्रोजेक्ट मौसम’ और ‘प्रोजेक्ट बेहतर भारत’ जैसी विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इन प्रदर्शनियों को आम लोग भी देख सकेंगे। 5 अगस्त को विदेशी प्रतिनिधि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का भ्रमण करेंगे, जहां वे भारतीय जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक शिल्प और जीवन शैली से रूबरू होंगे। शाम को लोक नृत्य, जनजातीय प्रस्तुतियां और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।

6 अगस्त को संस्कृति मंत्रियों और अधिकारियों की बैठक में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संग्रहालयों के विकास, रचनात्मक उद्योगों और देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। इसी दिन रवींद्र भवन में भव्य ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव 2026 आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारत के साथ ब्रिक्स देशों के कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।

महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण ‘ब्रिक्स पीस सॉन्ग – Peace is the Language of the Land’ होगा। इस विशेष प्रस्तुति में बेलारूस, ब्राज़ील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात की संगीत परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। इसके अलावा ‘Peace to All, Harmony to All’ और ‘Crescendo of Unity’ जैसी भव्य ऑर्केस्ट्रा प्रस्तुतियां भी दर्शकों को आकर्षित करेंगी।

7 अगस्त को “अमृतस्य मध्य प्रदेश” थीम पर विशेष सांस्कृतिक संध्या आयोजित होगी, जिसमें 125 से अधिक कलाकार मध्य प्रदेश की लोक कला, लोक नृत्य, संगीत और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत करेंगे।

8 अगस्त को सभी प्रतिनिधि यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची का भ्रमण करेंगे। यहां उन्हें बौद्ध विरासत, योग और मेडिटेशन का अनुभव भी कराया जाएगा। इसके अलावा मेहमानों के लिए हेरिटेज वॉक, बर्ड वॉचिंग, शिकारा राइड, स्थानीय हस्तशिल्प की खरीदारी और मालवी, बुंदेली व निमाड़ी व्यंजनों का विशेष इंतजाम किया गया है।

इस पूरे आयोजन के जरिए भारत अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मध्य प्रदेश की परंपराओं को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा। साथ ही ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग, आपसी संवाद और रिश्तों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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