नयी दिल्ली, 04 अगस्त (वार्ता) अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता और कच्चे तेल में तेजी से घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को शुरुआती तेजी के बाद गिरावट देखी गयी।
बीएसई का सेंसेक्स सुबह 500 अंक से ज्यादा चढ़ने के बाद दोपहर से पहले ही लाल निशान में उतर गया। अंत में 210.08 अंक (0.27 प्रतिशत) की गिरावट में 78,428.95 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 159.40 अंक यानी 0.64 प्रतिशत टूटकर 24,614.90 अंक पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी दिवस पर यह पांच महीने के उच्चतम स्तर पर रहा था। ईरान ने अमेरिका के इस दावे का खंडन किया है कि दोनों पक्षों के बीच कोई बातचीत हो रही है। इसके बाद, घरेलू शेयर बाजार में निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भी भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट रही। लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा फिलहाल ढाई प्रतिशत की बढ़त के साथ 86 डॉलर प्रति बैरल के करीब है।
वृहत बाजार में भी बिकवाली ज्यादा देखी गयी। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.47 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। वहीं, छोटी कंपनियों में लिवाली से निफ्टी स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.23 प्रतिशत मजबूत हुआ।निफ्टी धातु और मीडिया को छोड़कर अन्य सभी सेक्टरों के सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। रियल्टी समूह का सूचकांक 2.39 प्रतिशत और तेल एवं गैस का 1.15 प्रतिशत लुढ़क गया। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, एफएमसीजी, आईटी, ऑटो, वित्त, बैंकिंग और रसायन सेक्टरों के सूचकांक भी फिसल गये। सेंसेक्स की कंपनियों में हिंदुस्तान यूनीलिवर का शेयर करीब पौने दो फीसदी टूट गया। एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंडिगो के शेयर भी एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट में रहे। टेक महिंद्रा, पावरग्रिड, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, एशियन पेंट्स और अडानी पोर्ट्स के शेयर भी नीचे बंद हुए। लाभ में रहने वालों में ट्रेंट और बजाज फाइनेंस के शेयर एक प्रतिशत से ज्यादा चढ़े। बीईएल,टाटा स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, टाइटन और सन फार्मा के शेयर भी हरे निशान में रहे।

