पश्चिमी तट ओर पूर्वोत्तर भारत में इस सप्ताह अत्यधिक बारिश के आसार

नयी दिल्ली, 23 जून (वार्ता) पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों और सिक्किम में इस सप्ताह सात से 20 सेमी तक बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग की मंगलवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून मंगलवार को मुंबई सहित महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों, तेलंगाना तथा ओडिशा के बाकी बचे इलाकों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है। विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में इसके गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों में पहुंचने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। इसके बाद के तीन से चार दिनों में मानसून के झारखंड और बिहार के शेष हिस्सों तथा उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी आगे बढ़ने के अनुमान हैं।

विभाग ने आज कोंकण और गोवा में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा, तटीय कर्नाटक, केरल, असम, मेघालय और बिहार में भी अलग-अलग दिनों में अधिक से अत्यधिक बारिश होने का अनुमान जताया है। दूसरी ओर, देश के कुछ हिस्से अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं। अगले चार-पांच दिनों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में और अगले दो-तीन दिनों में विदर्भ, दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश तथा बिहार में लू की स्थिति बने रहने की आशंका है। पिछले 24 घंटों में देश का सबसे अधिक तापमान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 43.3 डिग्री दर्ज किया गया। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। इस दौरान दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश होने और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के चलने के आसार हैं।

इसके अलावा, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में आज तथा बिहार में 25-26 जून के दौरान 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज आंधी आने की आशंका है, जिससे बागवानी फसलों और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। विभाग ने खराब मौसम और तेज हवाओं के मद्देनजर मछुआरों को 23 से 28 जून के दौरान मन्नार की खाड़ी, ओमान, श्रीलंका तट, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के तटों और अरब सागर के कुछ हिस्सों में न जाने की सलाह दी है। किसानों को जारी परामर्श के तहत विभाग ने पूर्वोत्तर राज्यों और तटीय क्षेत्रों के किसानों को खेतों से अतिरिक्त जल निकासी की व्यवस्था करने तथा पकी हुई सब्जियों एवं फलों की कटाई तुरंत करने को कहा है। इसके साथ ही विभाग ने लू प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को फसलों की हल्की सिंचाई करने और मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग का उपयोग करने का सुझाव दिया है। इसके अतिरिक्त, तेज गर्मी और भारी बारिश के दौरान पशुओं को सुरक्षित शेड के अंदर रखने तथा उन्हें पर्याप्त मात्रा में साफ पानी और संतुलित आहार देने की भी सलाह दी गई है।

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