रेहटी। सावन माह के पहले सोमवार को प्राचीन टपकेश्वर महादेव में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला. विंध्याचल पर्वतमाला की दुर्गम पहाडिय़ों के बीच स्थित इस प्राकृतिक शिवधाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक एवं पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि की कामना की.
पर्वों के समय हजारों श्रद्धालु जहां महादेव की पूजा अर्चना करने आते हैं परंतु जनप्रतिनिधियों और जि मेदार लोगों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है. दरअसल सीसी रोड़ से पहाड़ी पर पहुंचने के बाद 300 मीटर सीढिय़ां नहीं बनने से श्रद्धालु मुश्किल से छोटे बड़े पत्थरों पर चढ़कर दुर्गम पहाड़ी से मंदिर पहुंचतेे हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ग्राम बाय से टपकेश्वर महादेव तक लगभग पांच किमी सड़क का निर्माण कराया गया है, लेकिन सड़क के दोनों ओर शोल्डर नहीं भरे जाने से आवागमन में कठिनाइयां बनी हुई हैं. खासकर दो वाहन आमने-सामने आने पर क्रॉसिंग के दौरान दुर्घटना का खतरा बना रहता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शोल्डर समय रहते भर दिए जाएं तो श्रद्धालुओं की परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है.
टपकेश्वर महादेव परिसर आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है. इस स्थल तक अब तक स्थायी विद्युत व्यवस्था नहीं पहुंच सकी है. सावन के दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं.
श्रद्धालुओं और नागरिकों का कहना है कि टपकेश्वर महादेव की धार्मिक एवं पौराणिक महत्ता को देखते हुए यहां सड़क के शोल्डर, विद्युत सुविधा, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए. उनका मानना है कि यदि इन व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाए तो यह स्थल धार्मिक पर्यटन के रूप में भी नई पहचान बना सकता है.
सावन के पूरे माह टपकेश्वर महादेव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहने की संभावना है. ऐकसे में प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए आवश्यक हो जाता है कि यहां आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए समय रहते समुचित इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं.
