वाशिंगटन, 03 अगस्त (वार्ता) अमेरिका की आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी (आइस) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में एक महीने में सर्वाधिक लोगों को हिरासत में लेने का नया रिकॉर्ड कायम किया है। सीबीएस न्यूज की एक रिपोर्ट में आंतरिक सुरक्षा विभाग के आंतरिक आंकड़ों के हवाले से यह दावा किया गया।
प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार जुलाई में 46 हजार से अधिक लोगों को अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने, वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी देश में रहने सहित विभिन्न आव्रजन उल्लंघनों के आरोप में हिरासत में लिया गया। यह संख्या जून में दर्ज लगभग 43 हजार हिरासतों से अधिक है।
आंकड़ों के अनुसार व्हाइट हाउस द्वारा आईसीई को प्रतिदिन औसतन दो हजार गिरफ्तारियां करने का लक्ष्य दिए जाने के बाद गर्मियों के दौरान एजेंसी की कार्रवाई और तेज हुई। जुलाई में प्रतिदिन औसतन करीब 1,500 लोग आईसीई की हिरासत में पहुंचे, हालांकि इनमें कुछ लोगों को पहले सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा (सीबीपी) एजेंसी ने पकड़ा था।
इस सप्ताहांत तक देशभर में आइस के निरुद्ध केंद्रों में लगभग 68 हजार लोग हिरासत में थे, जो जनवरी में दर्ज 70 हजार से अधिक बंदियों के रिकॉर्ड के करीब है। इस वर्ष की शुरुआत में मिनियापोलिस में आव्रजन कार्रवाई के दौरान संघीय एजेंटों द्वारा दो अमेरिकी नागरिकों की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद गिरफ्तारियों की रफ्तार कुछ समय के लिए धीमी पड़ गई थी, जिसकी दोनों प्रमुख दलों ने आलोचना की थी।
प्रशासन ने पिछले वर्ष डेमोक्रेट शासित शहरों में चलाये गये बड़े पैमाने के छापों को काफी हद तक बंद कर दिया है, लेकिन आइस ने हवाई अड्डों, आव्रजन जांच केंद्रों, यातायात जांच और स्थानीय समुदायों में लक्षित अभियान चलाकर गिरफ्तारियां बढ़ा दी हैं। एजेंसी ने हाल में भर्ती किए गए अधिकारियों को भी विभिन्न राज्यों में तैनात किया है।
आंतरिक सुरक्षा मंत्री मार्कवेन मुलिन ने इस वर्ष क्रिस्टी नोएम का स्थान लेते हुए कहा था कि आइस की कार्रवाई को सुर्खियों से दूर रखते हुए ट्रंप की अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े निर्वासन अभियान की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाया जाएगा।
हाल के अभियानों को लेकर फिर विवाद खड़ा हो गया है। पिछले महीने टेक्सास और मेन में वाहन जांच के दौरान आइस अधिकारियों की गोलीबारी में दो प्रवासी मारे गये, जिसके बाद स्थानीय लोगों, प्रवासी अधिकार संगठनों और कई जनप्रतिनिधियों ने एजेंसी की कड़ी आलोचना की।
इन घटनाओं के बाद आइस ने कुछ समय के लिए वाहन रोककर की जाने वाली कार्रवाई स्थगित की थी, लेकिन श्री ट्रंप ने 24 घंटे के भीतर यह निर्णय वापस ले लिया। दोनों मामलों की जांच जारी है। हवाई अड्डों पर आइस की कार्रवाई भी चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आये हैं, जिनमें सादे कपड़ों में आइस अधिकारी सुरक्षा जांच केंद्रों और बोर्डिंग गेट के पास यात्रियों को हिरासत में लेते दिखाई दे रहे हैं।
सीबीएस न्यूज के अनुसार, परिवहन सुरक्षा प्रशासन (टीएसए) द्वारा कुछ विदेशी नागरिकों की जानकारी उपलब्ध कराने से इन कार्रवाइयों में मदद मिली है।
प्रशासन ने हिरासत और निर्वासन के दायरे का भी विस्तार किया है। हाल ही में तीन लाख से अधिक हैती नागरिकों के लिए अस्थायी संरक्षित दर्जा (टीपीएस) समाप्त कर दिया गया है।
सीबीएस न्यूज ने डीएचएस के हवाले से कहा कि श्री ट्रंप के सत्ता में लौटने के बाद से 30 लाख से अधिक अवैध प्रवासी अमेरिका छोड़ चुके हैं, जिनमें लगभग 22 लाख लोगों ने स्वयं देश छोड़ा। विभाग के अनुसार 12 जुलाई तक 9.85 लाख से अधिक अवैध प्रवासियों को निर्वासित किया जा चुका है और 10 लाख से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
श्री मुलिन ने पिछले महीने कहा था, “हमने सड़कों पर कार्रवाई और तेज कर दी है। हमने कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अपना काम पूरी क्षमता से करने का अधिकार दिया है।”
ओबामा और जॉर्ज डब्ल्यू. बुश प्रशासन में आव्रजन अधिकारी रह चुकीं थेरेसा कार्डिनल ब्राउन ने कहा कि मौजूदा प्रशासन में सबसे बड़ा बदलाव कार्रवाई के तरीके की प्रस्तुति में आया है। उनके अनुसार पहले कार्रवाई को सार्वजनिक रूप से दिखाने पर जोर था, जबकि अब आइस अपेक्षाकृत कम प्रचार के साथ व्यापक स्तर पर कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने कहा, “यह स्पष्ट है कि प्रशासन ने बड़े पैमाने पर निर्वासन के अपने लक्ष्य को कभी नहीं छोड़ा।”
