
जबलपुर। पटवारियों ने शासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का मन बनाते हुए सोमवार से अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल शुरू की तो जिला प्रशासन के अफसरों का महकमा सकते में आ गया। जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश पटवारी संघ, वर्ग के बैनर तले पटवारियों ने ये फैसला लिया है।
हमारी मांग हमारा अधिकार – कैडर रिव्यू लागू करे सरकार के नारे के साथ प्रदेशभर के पटवारियों ने सोमवार से कलम बंद हड़ताल शुरू की। जिसके कारण शहर में कामकाज ठप्प रहा। सुबह पटवरियों ने अपनी-अपनी तहसीलों में रिकार्ड जमा कर दिया। इसके बाद सभी जबलपुर तहसील कार्यालय में एकत्रित होकर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
शासन ने अपनाया भेदभावपूर्ण व्यवहार
पटवारियों का आरोप है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा कई वर्षों बाद अन्य सभी विभागों के कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई, लेकिन पटवारी वर्ग को इससे पूरी तरह वंचित रखा गया है। भू-प्रबंधन एवं संसाधन विभाग के ही अन्य कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया, जिससे पटवारियों में शासन के इस सौतेले और भेदभावपूर्ण व्यवहार के प्रति भारी आक्रोश है।
कल मुख्यालय में होगा आंदोलन
जानकारी के अनुसार सोमवार से ही जिले के सभी पटवारी शासकीय व्हाट्सएप/ऑनलाइन ग्रुपों से हटकर ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यों से विरत रहे। कल 4 अगस्त से पटवारी जिला मुख्यालय स्थित धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए बैठेंगे। मप्र पटवारी संघ के पदाधिकारियों का दो टूक कहना है कि पटवारियों की हड़ताल से आम जनता को होने वाली परेशानियों की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन की होगी।
इस प्रकार है मांगें-
आंदोलन कर रहे पटवारियों की मुख्य मांगे कैडर रिव्यू लागू कर पदोन्नति देना, समयमान वेतनमान का लाभप्रदान करना, नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा का आयोजन कराना, पटवारी वर्ग को ‘जज प्रोटेक्शन एक्ट में शामिल करना, लंबे समय से लंबित वित्तीय भुगतानों का तुरंत निराकरण आदि हैं।
