गहलोत को अपने कार्यकाल को याद कर करना चाहिए आत्ममंथन-शेखावत

जयपुर, 02 अगस्त (वार्ता) केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा है कि राज्य सरकार पर लगातार टिप्पणी करने से पहले उन्हें वर्ष 2018 से 2023 के दौरान प्रदेश की परिस्थितियों को याद करते हुए आत्ममंथन करना चाहिए।

श्री शेखावत रविवार को मोटिवेशनल सोसायटी ऑफ राजस्थान की ओर से आयोजित ‘सुपर एक्सीलेंसी अवार्ड’ समारोह और ‘टैलेंट रिक्वायर्स मोटिवेशन’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि श्री गहलोत विपक्ष के वरिष्ठ नेता हैं। उनकी पार्टी ने उन्हें भले ही कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी हो, लेकिन बड़े नेता होने के नाते विपक्ष की भूमिका निभाना उनका दायित्व है। लेकिन किसी भी प्रकार की आलोचना करने से पहले श्री गहलोत को अपने कार्यकाल के दौरान प्रदेश में कानून-व्यवस्था, प्रशासन और शासन की स्थिति पर भी नजर डालनी चाहिए।

श्री शेखावत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गैर-जिम्मेदाराना बयान देना उनके लिए कोई नई बात नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्री राहुल गांधी संसद के भीतर और बाहर, देश तथा विदेश में कई बार इस प्रकार के वक्तव्य दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में विशेषाधिकार हनन या संवैधानिक प्रावधानों के तहत कोई प्रक्रिया शुरू हुई है, तो उस पर गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी करना उचित नहीं कहा जा सकता।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए युवाओं को नशे से दूर रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ 100 सप्ताह के राष्ट्रीय महाअभियान की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि आज अवसाद और नशा दुनिया भर में युवाओं तथा उनके परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। यदि किसी देश को आगे बढ़ना है तो उसकी युवा शक्ति को सहेजना, संवारना और सही दिशा देना अनिवार्य है।

श्री शेखावत ने बताया कि अभियान के तहत देशभर में लगभग 14 हजार कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें करीब दो करोड़ युवाओं ने नशामुक्त रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वयंसेवक कम से कम पांच युवाओं को नशे से दूर रहने अथवा नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करेगा। अगले 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विभिन्न संस्थानों और कार्यस्थलों पर स्वयंसेवक जनजागरूकता गतिविधियों का संचालन करेंगे।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों तथा युवाओं के सामूहिक प्रयास से देश में नशामुक्त वातावरण का निर्माण होगा, जो विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

 

 

 

Next Post

ईरान दुश्मनों के सभी धमकियों को गंभीरता से लेता है-रक्षा मंत्री

Sun Aug 2 , 2026
तेहरान, 02 अगस्त (वार्ता) ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री सैयद मजीद इब्न अल-रजा ने रविवार को कहा कि उनका देश विरोधियों से मिलने वाली हर धमकी को ‘वास्तविक और गंभीर’ मानता है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमलों को स्थगित करने […]

You May Like