
दमोह। सागर नाका स्थित कृषि उपज मंडी में शनिवार को हम्माल संघ और व्यापारी संघ के बीच विवाद के चलते किसानों की तुलाई रुक गई थी। इससे आक्रोशित किसानों ने मंडी में तालाबंदी कर दी और चक्का जाम जैसे हालात बना दिए थे। बता दें कि हम्माल संघ और व्यापारी संघ के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर मंडी में नीलामी और तुलाई का काम ठप हो गया था। इससे दूर-दराज से आए किसान परेशान हो गए थे। सूचना मिलते ही मौके पर तहसीलदार रॉबिन जैन, चौकी प्रभारी विक्रम दांगी, मंडी सचिव घनश्याम मुड़ा और उनकी टीम पहुंची। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से चर्चा कर विवाद को शांत कराया।व्यापारी संघ और हम्माल संघ दोनों ने मंडी सचिव को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी।
*भारसाधक ने लिया कड़ा संज्ञान*
एसडीएम/भारसाधक सौरभ गंधर्व ने किसानों की समस्या को गंभीरता से लिया। उन्होंने विवाद के कारण नीलामी प्रक्रिया रोकने पर व्यापारी संघ और हम्माल संघ दोनों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
*अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई*
मंडी परिसर का निरीक्षण करने पर रेस्ट हाउस और मंडी परिसर में बने (टीन शेड) अवैध अतिक्रमण में पाए गए। भारसाधक/एसडीएम के निर्देश पर अतिक्रमणकर्ताओं ने स्वयं ही टीन शेड हटाने का काम शुरू कर हटा लिया।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मंडी में अवैध कब्जा और कामकाज में बाधा डालने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
*बिना सूचना नीलामी बंद करने पर होगी कार्रवाई*
भारसाधक/एसडीएम ने कहा कि मंडी प्रांगण में विवादित स्थिति न बने और बिना सूचना के नीलामी प्रक्रिया बंद न की जाए। यदि किसी कारण से नीलामी बंद करनी हो तो उससे पहले कृषि उपज मंडी सचिव और अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों को अवश्य अवगत कराया जाए।
*मंडी संपत्ति पर मंडी का ही अधिकार*
भारसाधक ने स्पष्ट किया कि कृषि उपज मंडी में स्थित गोदाम, विश्रामगृह और अन्य सभी संपत्तियों की देखरेख अब कृषि उपज मंडी प्रशासन के अधीन रहेगी। किसी भी व्यक्ति या संघ द्वारा अवैध अतिक्रमण करने की कोशिश की गई तो उसके खिलाफ निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।
*आज सोमवार से सुचारू होगी नीलामी*
भारसाधक/एसडीएम सौरभ गंधर्व ने निर्देश दिए हैं कि आज सोमवार से मंडी में नीलामी प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी रहे.किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। व्यापारियों और हम्माल संघ दोनों से आपसी समन्वय बनाकर काम करने और किसानों के हित को सर्वोपरि रखने की अपील की है।
