
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने मैहर में मां शारदा मंदिर की ओर जाने वाली सडक़ को आसपास के मकानों और दुकानों से ऊंचा बनाए जाने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ मामले में कहा है कि किसी भी सडक़ का निर्माण टेक्निकल एक्सपर्ट की रिपोर्ट के आधार पर किया जाता है। इसमें सडक़ से गुजरने वाले वाहनों की क्षमता सहित संबंधित तकनीकी पहलुओं का आकलन किया जाता है। चूंकि सडक़ निर्माण तकनीकी विषय है, इसलिए कोर्ट इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती।
उल्लेखनीय है कि यह जनहित याचिका वर्ष 2025 में मैहर निवासी मनीष पटेल की ओर से दायर की गई थी। जिसमें मां शारदा देवी रोपवे गेट से घंटाघर मार्ग तक बनाई जा रही प्रस्तावित सडक़ के निर्माण को कटघरें पर रखा गया था। जिसमें आरोप था कि लोक निर्माण विभाग पुराने रास्ते को हटाने या उसका स्तर कम करने के बजाय उसी के ऊपर कंक्रीट की नई सडक़ बना रहा है। जिस कारण सडक़ की ऊंचाई बढक़र किनारे स्थित कई दुकानों और मकानों से करीब एक से दो फीट ऊपर पहुंच गई है। जिससे जल निकासी और बारिस के मौसम पर लोगों के घरों और दुकानों में पानी भरे जाने का हवाला दिया गया था। मामले की सुनवाई पश्चात न्यायालय ने उक्त मत के साथ दायर याचिका खारिज कर दी।
