नयी दिल्ली, 31 जुलाई (वार्ता) देश की प्रमुख विमान सेवा कंपनी इंडिगो ने वर्तमान भू-राजनैतिक परिस्थितियों और बढ़ती लागत को देखते हुए इस साल 25 अक्टूबर से वाइड-बॉडी विमानों का परिचालन बंद करने की घोषणा की है।
एयरलाइंस ने साल 2025 की शुरुआत में नॉर्स अटलांटिक एयरवेज के साथ छह बोइंग 787-9 विमानों के लिए डैम्प लीज समझौता किया था और ब्रिटेन तथा यूरोप के विभिन्न गंतव्यों के लिए सेवाएं शुरू की थीं।
उसने शुक्रवार रात बताया कि “जारी भू-राजनीतिक तनावों के कारण उत्पन्न चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों को देखते हुए” वह 25 अक्टूबर 2026 से अपने वाइड-बॉडी विमानों का परिचालन बंद कर रही है। साथ ही 31 अक्टूबर से नॉर्स अटलांटिक एयरवेज के साथ अपनी डैम्प लीज व्यवस्था समाप्त करेगी।
डैम्प लीज के तहत विमान और चालक दल के सदस्य विमान लीज पर देने वाली कंपनी के होते हैं जबकि केबिन क्रू विमान का परिचालन करने वाली कंपनी का होता है।
इंडिगो ने बताया कि 25 अक्टूबर से मुंबई और एम्स्टर्डम के बीच इंडिगो की उड़ानें एयरबस ए321एक्सएलआर विमान से संचालित की जायेंगी। वहीं, खुद का एयरबस ए350-900 विमान प्राप्त होने तक वह लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे के लिए अपनी सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित रखेगी।
उसने बताया कि लंबी दूरी की सीमित उड़ानों की शुरुआत कर अनुभव प्राप्त करने, आवश्यक क्षमताओं का विकास करने और एयरबस ए350 परिचालन से पहले अपने ब्रांड की उपस्थिति स्थापित करने के उद्देश्य से नॉर्स अटलांटिक एयरवेज से छह बोइंग 787-9 विमानों के लिए डैम्प लीज़ समझौता किया गया था। इस दौरान लंबी दूरी के नेटवर्क नियोजन, ग्राहक अनुभव, क्रू संचालन, रखरखाव, एयरपोर्ट हैंडलिंग, राजस्व प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय अनुभव मिला।
कंपनी का कहना है कि विमान लीज पर लेने के बाद से परिचालन परिस्थितियों में काफी बदलाव आया है और लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध, ईंधन की बढ़ती कीमतें और मुद्रा विनिमय दरों का दबाव दक्षता, विश्वसनीयता, संपर्क और प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता को प्रभावित कर रहा है।
इंडिगो के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (योजना एवं राजस्व प्रबंधन) अभिजीत दासगुप्ता ने कहा कि वैश्विक विमानन उद्योग लगातार जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं का सामना कर रहा है। ऐसे में अल्पकाल में संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कंपनी एयरबस ए321एक्सएलआर विमानों के माध्यम से अपने यूरोपीय नेटवर्क को और मजबूत करेगी तथा अपने स्वयं के वाइड-बॉडी विमानों के परिचालन की तैयारी भी जारी रखेगी।
