
जबलपुर। संस्कार कांवड़ यात्रा और गुप्तेश्वर मंदिर समिति के बीच बेहतर समन्वय है। जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम से एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर संयुक्त रूप से संपूर्ण यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया जाए, ताकि सडक़, यातायात, भीड़ प्रबंधन एवं अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सके। समय रहते तैयारियां प्रारंभ होने से सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करेंगे और यात्रा सुरक्षित एवं भव्य रूप से संपन्न हो। यह बातें महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने श्रावण मास के दूसरे सोमवार 10 अगस्त को ग्वारीघाट से कैलाशधाम तक निकाली जाने वाली संस्कार कांवड़ यात्रा की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को लेकर शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित जिला प्रशासन, पुलिस एवं आयोजन समिति के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक में कहीं। आगे उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष प्रबंधन किया जाए। एंबुलेंस आगे, बीच और पीछे तीन स्थानों पर तैनात रहें। आवश्यकता पडऩे पर फायर ब्रिगेड की भी व्यवस्था उपलब्ध रहे। कैलाशधाम मंदिर में प्रवेश एवं निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए जाएं, जिससे श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन हो सकें। बैठक में समिति ने कहा कि संस्कार कांवड़ यात्रा को विश्व रिकॉर्ड में स्थान प्राप्त है। ऐसे में इसकी गरिमा के अनुरूप प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और आयोजन समिति के बीच समन्वय स्थापित कर यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं भव्य रूप से संपन्न कराया जाना चाहिए। हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा का भी सुझाव दिया गया। बैठक में संस्कार कांवड़ यात्रा समिति के पदाधिकारी शिव यादव ने यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं एवं चुनौतियों की जानकारी देते हुए कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जबलपुर की सांस्कृतिक पहचान भी है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। यात्रा को भव्य बनाने और आवश्यक व्यवस्था करने के लिए कहा। साथ ही भारी यातायात दबाव को देखते हुए 10 अगस्त को स्थानीय अवकाश घोषित करने का सुझाव भी दिया। बैठक में सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा, पार्किंग एवं अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
तत्वों पर निगरानी, रात्रिकाली सुरक्षा बढ़ाई जाए
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि पहले सावन सोमवार से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर पहुंचना शुरू हो जाती है। इसलिए सभी व्यवस्थाएं पूर्व निर्धारित समय सीमा में पूरी कर ली जाएं। उन्होंने असामाजिक तत्वों पर निगरानी, रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था एवं अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती पर भी जोर दिया।
