सैन फ्रांसिस्को, 31 जुलाई (वार्ता) कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की दिग्गज अमेरिकी कंपनी एंथ्रोपिक ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि उसके एआई मॉडल ‘क्लॉड’ ने सुरक्षा जांच के दौरान गलती से तीन असली कंपनियों के कंप्यूटर सिस्टम में सेंध लगा दी। कंपनी ने इसे एआई की नहीं, बल्कि इंसानी और तकनीकी भूल का नतीजा बताया है। कंपनी ने अपने आंतरिक समीक्षा के बाद यह जानकारी सार्वजनिक की है। कंपनी की ओर से गुरुवार को जारी बयान के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब कंपनी अपने एक अन्य भागीदार ‘इरेगुलर’ के साथ मिलकर एआई की साइबर सुरक्षा जांच रही थी।
इस नकली हैकिंग टेस्ट (सिमुलेशन) के दौरान एआई को एक नकली कंपनी का कंप्यूटर सिस्टम देकर उसमें छिपी जानकारी ढूंढने का काम दिया गया था। एआई को बताया गया था कि यह केवल एक काल्पनिक खेल है और इंटरनेट पूरी तरह बंद है। तकनीकी गड़बड़ी के कारण इंटरनेट चालू रह गया।
इंटरनेट चालू मिलते ही एआई ने समझा कि असली दुनिया में मौजूद कंपनियां भी उसी खेल का हिस्सा हैं। इसके बाद एआई ने आसान रास्तों और कमजोर पासवर्ड का फायदा उठाकर तीन असली कंपनियों के सिस्टम में प्रवेश कर लिया। इस दौरान एआई के ‘मायथोस 5’ मॉडल ने गलती से इंटरनेट पर एक फर्जी और नुकसानदेह सॉफ्टवेयर अपलोड कर दिया। यह सॉफ्टवेयर कुछ समय तक ऑनलाइन रहा और 15 वास्तविक कंप्यूटरों ने इसे डाउनलोड भी कर लिया। वहीं, ‘ओपस 4.7’ मॉडल ने एक कंपनी के सिस्टम से कुछ लॉगिन संबंधी जानकारी हासिल कर ली।
कंपनी के हालांकि सबसे नये एआई मॉडल को जैसे ही पता चला कि वह काल्पनिक परीक्षण नहीं, बल्कि वास्तविक इंटरनेट पर काम कर रहा है, उसने तुरंत अपनी सभी गतिविधियां रोक दीं। हाल ही में ओपनएआई से जुड़ी एक घटना के बाद जब एंथ्रोपिक ने अपने 1.4 लाख से अधिक पुराने परीक्षणों की समीक्षा की, तब उसे इस तकनीकी गड़बड़ी का पता चला। एंथ्रोपिक ने तुरंत अपने सभी साइबर सुरक्षा टेस्टों को रोक दिया है और प्रभावित कंपनियों को इसकी जानकारी देकर उनके सिस्टम की सुरक्षा मजबूत करा दी है। कंपनी का कहना है कि एआई केवल दिये गये निर्देशों का पालन कर रहा था, लेकिन इस घटना ने साबित कर दिया है कि एआई की जांच करते समय इंसानी निगरानी और इंटरनेट सुरक्षा कितनी जरूरी है।

