नयी दिल्ली, 31 जुलाई (वार्ता) कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने कर्नाटक से ‘नीलम’ और ‘तोतापुरी’ आमों की मालदीव के लिए पहली हवाई खेप को रवाना किया है।
इस कदम से दुनिया के बाजारों में कर्नाटक की देर से पकने वाली आम किस्मों को बढ़ावा देने और किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल भारतीय आमों के लिए वैश्विक बाजार में पहुंच को बढ़ाती है, देर से पकने वाली किस्मों के लिए नए निर्यात अवसर पैदा करती है और किसानों की टिकाऊ आय वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
नीलम और तोतापुरी आमों की एक टन की यह निर्यात खेप सीधे कर्नाटक के कोलार जिले के किसानों से ली गयी थी। नीलम आम अपने मीठे, रसदार गूदे, सुगंध और पेय पदार्थों के लिए उपयुक्त माना जाता है जबकि तोतापुरी आम अपने मीठे-खट्टे स्वाद और ताजा खपत के साथ-साथ प्रसंस्करण के लिए बेहद लोकप्रिय है। गौरतलब है कि जून के आखिरी दिनों से जुलाई के अंत तक काटी जाने वाली और पछेती किस्मों आम निर्यात सीजन की अवधि को बढ़ाती हैं, जिससे मुख्य फसल सीजन खत्म होने के बाद भी अंतरराष्ट्रीय मांग को पूरा किया जा सकता है। इस निर्यात पहल के माध्यम से एफपीसी से जुड़े किसानों को पारंपरिक स्थानीय मंडियों की तुलना में 50 प्रतिशत से अधिक का फायदा हुआ है। एपीडा अध्यक्ष अभिषेक देव ने इस निर्यात को संभव बनाने में शामिल निर्यातक, किसान उत्पादक कंपनी, किसानों और सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की।

