सतना : जिले के बिरसिंहपुर तहसील कार्यालय में गुरुवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब अधिकारियों की कथित गैरमौजूदगी से नाराज कांग्रेस नेता संतोष तिवारी ने न्यायालय कक्ष के भीतर ही एक अनोखा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. वह पहले तहसीलदार की मेज पर लेट गए और फिर एसडीएम कोर्ट के अंदर बिस्तर बिछाकर धरने पर बैठ गए.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को बिरसिंहपुर तहसील में मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह की लिंक कोर्ट निर्धारित थी। आरोप है कि दोपहर 1 बजे तक न तो एसडीएम मौके पर पहुंचे और न ही नियमित न्यायिक सुनवाई शुरू हो सकी.दूर-दराज के गांवों से आए फरियादियों को घंटों इंतजार करता देख कांग्रेस नेता संतोष तिवारी का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने कार्यालय के भीतर ही धरना शुरू कर दिया.
एसडीएम महिपाल सिंह ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि गुरुवार सुबह 11:30 बजे से जिला मुख्यालय में रोड सेफ्टी कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित थी जिसमें वे शामिल होने गए थे. उन्होंने स्पष्ट किया कि तहसील कार्यालय में अन्य तमाम प्रशासनिक स्टाफ मौजूद था.एसडीएम ने कांग्रेस नेता के इस रवैये पर सख्त आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह के कृत्य से न्यायालय की गरिमा भंग हुई है.मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार द्वारा संतोष तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है.
इनका कहना
बिजली विभाग में किसानो के विरोध प्रदर्शन में गए थे यह किसी के वारसाना के लिए आया था. विरोध करने बाले व्यक्ति का कोई मामला नहीं था कोर्ट की गरिमा को भंग किया गया है हमने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
शैलेंद्र शर्मा
तहसीलदार बिरसिंहपुर
