
जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने मप्र वक्फ बोर्ड को निर्देश दिया है कि वक्फ सदर जामा मस्जिद के अध्यक्ष अब्दुल शफीक कुरैशी को सुनवाई का अवसर दिए बिना कोई आदेश पारित नहीं किया जाए। यह आदेश कुरैशी की ओर से दायर पुनर्विचार पर सुनवाई के बाद दिया गया है।दरअसल सदर निवासी मोहम्मद इदरीस ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद की वक्फ संपत्तियों और उनसे होने वाली आय में अनियमित्ता व वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगाए थे।
हाईकोर्ट ने आठ जुलाई 2026 को वक्फ बोर्ड को याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर 60 दिन में निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। रिव्यू पिटीशन में अधिवक्ता तकमील नासिर ने तर्क दिया कि उनके पक्षकार को न नोटिस दिया गया और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर मिला। सुनवाई के बादकोर्ट ने उक्त निर्देश जारी किए। याचिकाकर्ता की ओर से मुख्तार अहमद तथा वक्फ बोर्ड की ओर से उत्कर्ष अग्रवाल ने पैरवी की।
