
छिंदवाड़ा। शहरवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में नगर निगम द्वारा एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। महापौर विक्रम अहके के सतत प्रयासों से नगर निगम द्वारा जर्जर पेयजल पाइपलाइन परियोजना के अंतर्गत महत्वपूर्ण स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत नगर निगम आयुक्त चंद्रप्रकाश राय के निर्देशानुसार कराए गए सर्वे में चिन्हित किए गए कुल 29 जर्जर पाइपलाइन बदलने के कार्यों को सम्मिलित किया गया है, जिस पर लगभग 1.58 करोड़ रुपए का व्यय संभावित है। उल्लेखनीय है कि नगर निगम द्वारा शहर के सभी 48 वार्डों में अंडरग्राउंड पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति की जाती है। समय बीतने के साथ कई क्षेत्रों में पाइपलाइन अत्यधिक क्षतिग्रस्त व जर्जर हो चुकी हैं, जिससे विशेषकर बारिश के मौसम में दूषित जल मिलने और जल रिसाव की शिकायतें सामने आती थीं। नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ी इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता पर लेते हुए महापौर द्वारा लगातार प्रयास किए गए, जिसके सुखद परिणामस्वरूप 1.58 करोड़ रुपए की संभावित लागत से 29 महत्वपूर्ण स्थानों की पाइपलाइनों के कायाकल्प का रास्ता साफ हुआ है। सर्वे के दौरान चिन्हित किए गए इन 29 स्थानों पर पुरानी एवं क्षतिग्रस्त लाइनों को हटाकर नई तथा उच्च गुणवत्तापूर्ण पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
जलापूर्ति व्यवस्था होगी प्रभावी ००००००
नई पाइपलाइन बिछने से पाइप फूटने, लीकेज और दूषित जल की आपूर्ति जैसी समस्याओं से हमेशा के लिए निजात मिलेगी तथा शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पहले से अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी होगी। इस अवसर पर महापौर विक्रम अहके ने कहा कि शहर के प्रत्येक नागरिक तक शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना नगर निगम की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। जर्जर पाइपलाइनों को बदलने का यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध रूप से पूरा किया जाएगा, ताकि भविष्य में नागरिकों को जलजनित बीमारियों और पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।
