अमेरिकी शेयर बाजार में आई तबाही का असर घरेलू शेयर बाजार में न के बराबर दिखा। जहां आज गुरुवार को बाजार की सपाट शुरुआत हुई। एक्सपर्ट्स का अनुमान था कि बाजार में गिरावट देखने को मिलेगी।
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार में आज गुरुवार को आज मिला-जुला रुख देखने को मिल रहे हैं। जहां बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स लाल निशान में कारोबार के लिए खुला, वहीं निफ्टी में हल्की तेजी देखने को मिली। शुरुआती ट्रेड के दौरान बीएई सेंसेक्स -35.40 अंक या 0.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,619.20 पर कारोबार करता नजर आया। वहीं, एनएसई निफ्टी 13.25अंकया या 0.05 प्रतिशत चढ़कर 24,263.45 पर खुला। सेंसेक्स के टॉप-30 शेयरों में से 17 शेयरों में तेजी रही, वहीं, 13 शेयर गिरकर कारोबार कर रहे थे। जबकि निफ्टी के टॉप-50 शेयरों में से 28 तेजी के साथ ट्रेड के लिए खुले, जबकि 22 लाल निशान में ट्रेड करते हुए नजर आए।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में गिरावट देखने को मिल रही है। वहीं, लार्जकैप इंडेक्स में हल्की बढ़त बनी हुई है। एनर्जी सेक्टर का इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहा है। डिफेंस इंडेक्स भी लाल निशान में नजर आ रहा है। बुधवार की तरह आज भी ऑटो इंडेक्स में सबसे अधिक तेजी देखने को मिल रही है। यह इंडेक्स 514 अंकों से अधिक मजबूती के साथ कारोबार कर कर रहा है। जबकि बैंकएक्स इंडेक्स में गिरावट है।
अमेरिकी बाजारों में गिरावट क्यों?
जानकारों ने कहा कि कल फेड का ब्याज दरें न बढ़ाने का फैसला उम्मीद के मुताबिक ही था, लेकिन इक्विटी मार्केट के लिए यह नेगेटिव रहा क्योंकि यह फैसला 9-3 के बंटवारे के साथ लिया गया था, जिसमें तीन सदस्यों ने महंगाई को कंट्रोल करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया था। इस बंटे हुए फैसले से संकेत मिलता है कि जल्द ही ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं। नतीजतन, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हुई, जिसका असर इक्विटी मार्केट पर पड़ा और एसएंडपी 500 में 2 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय बाजार की स्थिति ‘ब्रेकआउट’ ट्रेंड की ओर इशारा कर रही है। लेकिन कई रुकावटों की वजह से इस संभावित ब्रेकआउट में बाधा आ रही है। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत का फिर से 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचना एक बड़ी रुकावट है।
एशिया के अन्य बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार हो रहा है। टोक्यो और जकार्ता हरे निशान में थे, जबकि शंघाई, हांगकांग,बैंकॉक और सोल लाल निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार के सत्र में लाल निशान में बंद हुआ, जिसमें मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 2.19 प्रतिशत की कमजोरी के साथ और नैस्डैक 1.74 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
