भोपाल। मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष धर्मेंद्र चौहान ने राज्य के कृषि मंत्री पर किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का किसान आत्महत्या, अनियमित बिजली आपूर्ति, उर्वरकों की कमी और मंडियों में फसलों के कम दाम जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है।
धर्मेंद्र चौहान ने दावा किया कि प्रदेश में लगभग तीन लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन होने के बावजूद केवल करीब एक लाख मीट्रिक टन की ही सरकारी खरीदी की गई, जिससे किसानों को अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने कहा कि मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,776 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है, लेकिन मंडियों में किसानों को केवल 5,000 से 5,500 रुपये प्रति क्विंटल का ही भाव मिल रहा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसान कांग्रेस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के ग्रामीण अभियान का समर्थन करते हुए चेतावनी दी कि यदि 3 अगस्त तक मूंग की सरकारी खरीदी शुरू नहीं की गई, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू किया जाएगा। पार्टी ने मांग की कि किसानों की उपज का एक-एक दाना समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए।
